आबकारी विभाग में बुधवार को भांग की दुकानों को लेकर ठेकेदारों ने जमकर हंगामा किया। मनमाने तरीके से दुकानों का आवंटन करने का आरोप लगाया। सभी को शांत कराने में पुलिस को पसीना छूट गया। हंगामे के बीच 107 दुकानों का आवंटन 66.50 लाख रुपये में हो सका।
जिले में कुल भांग की 107 दुकानों का बुधवार को नीलामी होनी थी। जिसके लिए ठेकेदार अफीम कोठी में आ गए थे। जिला आबकारी अधिकारी व मुख्य राजस्व अधिकारी की देखरेख में नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ हुई। अपने इलाके की दुकानों को लेने के लिए प्रभावशाली लोगों ने भी अपने करीबियों को भेजा था।
रानीगंज, पट्टी, मंगरौरा, मानधाता, लालगंज क्षेत्र की दुकानों के आवंटन में मनमानी बरतने का आरोप लगाते हुए ठेकेदार हंगामा करने लगे। जिससे अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। शोरशराबे के बीच लोग नारेबाजी करने लगे। पुलिस लोगों को शांत कराती रही, लेकिन वे सुनने को तैयार नहीं थे। मौके पर मौजूद सीओ सिटी रमेशचंद्र ने सभी आबकारी विभाग के अधिकारियों से बातचीत करने के बाद हंगामा कर रहे लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। इसके बावजूद शोर-शराबा होता रहा।
हंगामे के चलते आधे घंटे तक नीलामी रुकी रही। हालांकि आबकारी अधिकारी बच्चालाल का कहना है कि कुछ लोग गलत तरीके से नीलामी प्रक्रिया में शामिल हो गए थे। वही लोग हंगामा कर रहे थे। जिले की 107 भांग की दुकानें 66.50 लाख रुपये में नीलाम की गईं। पिछले साल लगभग 64 लाख में नीलाम की गई थीं।