चिकित्सक व वार्ड ब्वाय से मारपीट के मामले में मंगलवार की शाम से सीएचसी व पीएचसी सहित निजी अस्पतालों ने इलाज करने से हाथ खड़े कर दिए। इस दौरान प्रसव वाली महिलाओं के अलावा किसी को अंदर नहीं लिया गया। बुधवार दोपहर को सीएमओ, एसडीएम व सीओ अस्पताल पहुंचे। उनकी सुरक्षा व कार्रवाई के आश्वासन पर चिकित्सकों ने स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल कर दी हैं। इसके बाद फिर से इस बारे में विचार होगा। उधर पुलिस ने पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज करने के साथ ही दो को हिरासत में ले लिया है।
कोतवाली क्षेत्र के पुराना कुंडा निवासी मेवालाल (60) बाइक से कहीं जा रहा था। अंजनीपुल के पास अत्तानगर निवासी जीशान से उसकी बाइक टकरा गई थी। इसमें मेवालाल की मौत हो गई थी और जीशान गंभीर रूप से घायल हो गया था। मेवालाल की मौत से नाराज उसके परिजनों ने इमरजेंसी में मौजूद वार्ड ब्वाय शाह आलम व डा. ओपी पटेल की जमकर पिटाई कर दी। इसके साथ ही इमरजेंसी का शीशा तोड़ दिया गया और मेज, कुर्सी भी तोड़ी गई। एक बार नहीं तीन-चार राउंड में वार्ड ब्वाय को पीटा गया। इसके बाद बाहर जाकर जमकर हंगामा मचाया गया। मारपीट की जानकारी अस्पताल के अन्य लोगों को हुई तो उन्होंने पुलिस को फोन किया।
पुलिस के पहुंचने पर हंगामा करने वाले तो भाग निकले लेकिन चिकित्सकों ने काम करने से इंकार कर दिया। इसके बाद कुंडा में सभी सीएचसी व पीएचसी ठप कर दी गई। इसके साथ ही निजी चिकित्सकों के क्लीनिक, नर्सिंगहोम भी बंद हो गए। इससे क्षेत्र के मरीजों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद सीएमओ अस्पताल आए और चिकित्सकों से बात की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में निजी स्तर पर चिकत्सकों को सुरक्षा मुहैया कराए जाने का आश्वासन दिया। उधर सीओ और एसडीएम भी अस्पताल पहुंचे। सीओ ने जहां दो गार्ड देने की बात कही, वहीं एसडीएम ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया। तीनों अधिकारियों के आश्वासन पर सीएचसी अधीक्षक डा. राजीव त्रिपाठी ने स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल कर दीं। उधर पुलिस ने रात में ही डा.ओपी पटेल की तहरीर पर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अरविंद पाल, राजेश पाल, संजय, पवन पाल सहित कुछ अज्ञात लोगों पर 147, 323, 504, 332, 353, 427, 2, 3, 3 की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली।