शहर के सदर बाजार में कई सालों से चल रही चिटफंड कंपनी ने लोगों से 25 हजार रुपये जमा कराने के बाद हर माह 15 हजार रुपये देने का दावा किया था। नौकरी व धन दोगुना करने की भी कंपनी गारंटी लेती थी। रुपये न मिलने पर कई दिनों से लोग हंगामा कर रहे थे। एएसपी से शिकायत के बाद सक्रिय हुई पुलिस कंपनी के 19 कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के सदर बाजार स्थित एक पैलेस में करीब दो वर्ष से लाइफ स्कोयर कंपनी ने अपना कार्यालय खोल रखा था। कंपनी में जनपद के अलावा गैरजनपद के युवक व युवती काम करते थे। आरोप है कि कंपनी के कर्मचारी लोगों से यह कहकर रुपये जमा कराते थे कि 25 दिनों में उन लोगों का धन दोगुना लौटाया जाएगा। इसके अलावा लोगों को नौकरी भी कंपनी मुहैया कराएगी। लोगों से 25 हजार रुपये जमा कराए जाते थे। सिटी कस्बा निवासी फिरदौस जहां, नदीमउद्दीन व हसीमउद्दीन ने बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी स्वामीनाथ से शिकायत करते हुए आपबीती सुनाई। कहा कि चिटफंड कंपनी ने 50 हजार रुपये एक माह पहले जमा करा लिए। अभी तक न तो नौकरी उपलब्ध कराई और न ही धनराशि दोगुनी कर लौटाया। उन लोगों की तरह जिले के सैकड़ों लोगों को कंपनी ने अपने जाल में फंसा रखा है। एएसपी के आदेश पर नगर कोतवाल हरिपाल सिंह यादव मौके पर पहुंचे। वह कार्यालय में छानबीन के बाद काम कर रहे 19 कर्मचारियों को कोतवाली ले आए।
जहां सभी से पूछताछ की जा रही है। कंपनी में आसपुर देवसरा के शत्रुघ्न गौड़, राजगढ़ की अफरोज व सिटी की फातमा मुख्य कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। हिरासत में लिए गए राजीव मौर्य पट्टी, लवकुश निवासी कोल बझान अंतू, विष्णु कुमार सोनी जेल रोड, नीरज मिश्रा निवासी गोड़े , करन धोबी सगरा, शुभम सोनी रखहा, अमरेश पाल निवासी जौनपुर, साधना यादव व ज्योति गुप्ता पट्टी, धर्मेंद्र कुमार करैला बाजार, आरती देल्हूपुर, चित्रा यादव इसीपुर कंधई, साल्ही मौर्या बड़ा का पुरवा, शबनम देल्हूपुर, फात्मा सिटी व कल्पना विवेक नगर से पुलिस पूछताछ कर रही है। नगर कोतवाल हरिपाल सिंह यादव ने बताया कि कंपनी के निदेशक को अभिलेखों के साथ तलब किया गया है। रुपये जमा करने वालों की शिकायत पर कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। कंपनी में रुपये जमा करने वालों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पीड़ितों की तहरीर पर कंपनी के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।