Journey in Tejas trains will be more costly than Shatabdi Trains
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इलाहाबाद-हरिद्वार एक्सप्रेस में गुुरुवार रात बदमाश पीएसी सूबेदार की पत्नी की लॉकेट लूटकर भाग निकले। घटना के बाद सूबेदार मदद के लिये ट्रेन में ड्यूटी करने वाले सिपाहियों को खोजता रहा, मगर वे नहीं मिले। हारकर पीड़ित ने घटना की तहरीर जीआरपी प्रतापगढ़ में देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। इसके बावजूद पुलिस रिपोर्ट लिखने के बजाए तहरीर लेकर मामले को मैनेज करने में जुटी रही।
हरिद्वार एक्सप्रेस में इस सप्ताह दो लूट की घटनाएं हो चुकी हैं। गुुरुवार रात एक बार फिर ऐसी ही घटना हुई। पीएसी मिर्जापुर में तैनात सूबेदार घनश्याम पत्नी का इलाज कराने हरिद्वार एक्सप्रेस से लखनऊ जा रहे थे। घनश्याम ने बताया कि रात में ट्रेन अमेठी स्टेशन से आगे बढ़ी तभी बदमाश उनकी पत्नी के गले से सोने का लाकेट छीनकर भाग निकले। वे लखनऊ गये और दूसरी ट्रेन पकड़कर प्रतापगढ़ आये। जीआरपी को घटना की तहरीर दी। पता चला है कि एसओ ने दंपति को घंटों थाने पर बैठाए रखा। मामले को मैनेज करने की बात चलती रही। हालांकि सूबेदार तैयार नहीं हुआ। तहरीर दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी। इस बारे में पूछे जाने पर एसओ वीके सिंह ने घटना की जानकारी से ही इंकार कर दिया।
टीटीई, सिपाहियों को खोजते रहे
लूटकांड के बाद घटना की रिपोर्ट लिखाने के लिये ट्रेन के टीटीई और जीआरपी एस्कॉर्ट के सिपाहियों को घनश्याम खोजता रहा। बता दें कि हरिद्वार एक्सप्रेस में प्रतापगढ़ जीआरपी का एस्कॉर्ट चलता है जो रायबरेली तक जाता है। उसके बाद रायबरेली जीआरपी एस्कॉर्ट ट्रेन के साथ जाती है। पीड़ित घनश्याम ने बताया कि वह लखनऊ तक जवानों की तलाश करता रहा।