बिजली विभाग के अफसरों की लापरवाही ने रविवार को एक बालक की जान ले ली। पट्टी इलाके के बहुता गांव में नीचे तक लटक रहे तार से छू जाने पर बालक करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। आरोप है कि तीन दिन पहले ही इसकी शिकायत किए जाने के बावजूद विभाग के अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, नतीजतन ये हादसा हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया।
पट्टी कोतवाली के बहुता गांव में खींचा गया बिजली का तार काफी नीचे तक लटक रहा था। अपराह्न करीब तीन बजे सड़क के बगल रहने वाले संजय वर्मा का आठ वर्षीय पुत्र शशी खेलते हुए इस तार से छूकर करंट की चपेट में आ गया। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। सूचना पर जुटे परिजनेां में कोहराम मच गया। शोर पर गांव के लोग जुट गए। बिजली विभाग के रवैये से उनमें खासा आक्रोश था। उन्होंने पट्टी-लालगंज मार्ग जाम कर दिया। दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी भी की। जानकारी देने के बावजूद बिजली विभाग और पुलिस का कोई भी अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों को समझाकर जाम खत्म कराया।
भाई की मौत से बेसुध हो गई बहन
भाई शशी की मौत से उसकी बहन प्रीति बेसुध हो गई। बड़ा भाई राज भी मां और परिवार के लोगों को रोता देख भाई का चेहरा देख-देखकर रोता रहा। गांव के लोग बच्चों को संभालते रहे, लेकिन वे भाई की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। मृतक शशी गांव के करीब ही स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ता था।