ूमहिला अस्पताल के मुख्य गेट पर नगर पालिका से बनी इंटरलॉकिंग को दुकान का निर्माण कराने वाले ने खुदवा दिया। इतने पर ही उसका मन नहीं भरा तो उसने छोटे गेट को बंद कर सबमर्सिबल की बोरिंग तक करा दी। सीएमएस ने विरोध जताया लेकिन निर्माण करने वाले पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
महिला अस्पताल को जाने के लिए दो गेट हैं। रात में बड़ा गेट सुरक्षा कारणों से बंद हो जाता है तो छोटा गेट खोल दिया जाता है। अस्पताल गेट के पश्चिमी दिशा में पुरानी दुकान तोड़कर नई अंडरग्राउंड दुकान बनाई जा रही है। आसपास के लोगों की मानें तो नए निर्माण में अस्पताल जाने वाले रास्ते की जमीन पर भी कब्जा करने के लिए खोदाई कराई गई है। हद तो रविवार को हुई। जब दुकान बनवाने वाले स्वामी ने दबंगई दिखाते हुए अस्पताल जाने वाले छोटे रास्ते को बंद करने के बाद रात में ही समरसिबल लगवाने के लिए बोरिंग करा दी।
सोमवार को भी गेट बंद रहा। बोरिंग की भनक सीएमएस को भी लगी। वह आपत्ति जताने लगे लेकिन उनकी बातों को अनसुना करते हुए दुकान का निर्माण कराने वाले बोरिंग करा दी। इतना ही नहीं अस्पताल जाने वाले रास्ते को भी खुदवा दिया। जिससे पूरी तरह से इंटरलॉकिंग बर्बाद हो गई। इस बाबत एसडीएम सदर शशि भूषण राय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो बोरिंग कराने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी।