ट्रैक्टर खाई में पलटने से तीन छात्रों की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल छाया रहा। शनिवार को आंसुओं के सैलाब के बीच परैया नदी के किनारे तीनों साथियों के शवों को एक साथ दफनाया गया। एक साथ तीन अस्थियां उठने पर हर किसी की आंखों से आंसू छलक उठे।
कंधई थाना क्षेत्र के खूझीकला निवासी सफाई कर्मचारी शीतला प्रसाद का बेटा अभिषेक ट्रैक्टर से गांव के लोगों के खेत की जुताई करता था। शुक्रवार दोपहर वह ट्रैक्टर लेकर पड़ोसी दोस्त तेज बहादुर पुत्र संतराम और विजय कुमार पुत्र सुरेश कुमार के साथ घर से यादव बस्ती में खेत की जुताई करने के लिए निकला था। बेलखरनाथ मंदिर से यादव बस्ती जाने वाले मार्ग पर अचानक ब्रेक लगने से ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खाई में पलट गया। जिससे तीनों ट्रैक्टर के नीचे दब गए। गांव के तीनों को जिला अस्पताल लाए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया। बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के लोग भी एकत्र हो गए। तीनों साथियों की मौत ने पूरे गांव के झकझोर कर रख दिया था। मृतक तेज बहादुर के पिता संतराम शनिवार को दिल्ली से आए। जिसके बाद तीनों साथियों की एक साथ अथयां उठाई गईं। यह देख लोग बिलखते रहे। परिवार के लोगों ने तीनों दोस्तों को परैया नदी के किनारे दफना दिया। पूर्व सांसद सीएन सिंह मृतक के परिवारीजनों को सांत्वना देने पहुंचे।
कंधई थाना क्षेत्र के खूझीकला निवासी अभिषेक और विजय शीतलागंज स्थित कालूराम इंटर कालेज में पढ़ते थे। अभिषेक कक्षा 10 और विजय कक्षा 9 का छात्र था। दोनों की हादसे में माौत की खबर मिलने पर कालेज शनिवार को शोक सभा करने के बाद बंद कर दिया गया। कंधई थाना क्षेत्र के खूझीकला निवासी अभिषेक, विजय और तेज बहादुर की दोस्ती के सभी कायल थे। वे पढ़ाई के साथ एक दूसरे के कार्यों में हाथ बटाया करते थे। एक साथ जिंदगी जीने के बाद तीनों ने एक साथ दम तोड़ा। इसलिए गांव के लोगों व परिवार वालों की इच्छा पर तीनों के शवों को अगल-बगल ही दफनाया गया।