कटरागुलाब सिंह बाजार में बुधवार सुबह रिहायशी मकान में अवैध तरीके से संचालित पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट होने से दो लोगों की मौत हो गई। पांच लोग झुलस गए। इनमें तीन की हालत नाजुक देखकर डाक्टरों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। सूचना पर अस्पताल पहुंचकर एसपी ने घटना का जायजा लिया। रुक-रुककर हो रहे विस्फोट से बाजार में भगदड़ मची रही। पुलिस ने गोदाम व मकान को सील करने के साथ ही लाइसेंस धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। एहतियात के तौर पर बाजार में भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई है।
कटरागुलाब सिंह पुलिस चौकी से महज दो सौ मीटर दूर चांदबाबू का मकान है। उसकी पत्नी शाहजहां के नाम से पटाखा बनाने का लाइसेंस है। लेकिन वह रिहायसी इलाके से दूर गोदाम का है। चांदबाबू के साथ उसके भाई जावेद का भी परिवार रहता है। बुधवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे घर में खाना बन रहा था।
करीब ही परिवार के अन्य सदस्य घर में ही पटाखा बनाने में जुटे थे। अचानक सिलेंडर की पाइप लीक हो गई। जिससे आग भड़क उठी और वह बारूद में जा लगी। अभी घर में मौजूद लोग कुछ समझ पाते कि इसके पहले ही विस्फोट शुरू हो गया। धमाकों की गूंज से लोग सहम गए। कमरे में मौजूद जावेद उर्फ लड्डन (28) पुत्र मुर्तजा, शकीला (30) पुत्री मुर्तजा, शाहजहां (28) पत्नी चांदबाबू, महक (13) पुत्री चांदबाबू, बिट्टन देवी (50) पत्नी मुर्तजा और चांदबाबू की दस वर्षीय भांजी रोशनी और सहबान आग से झुलस गए। आसपास के लोग पहले तो मकान में हो रहे विस्फोट के चलते बाहर भागे, लेकिन बाद में साहस कर आग बुझाने के लिए मशक्कत करने लगे। लोग घायल शाहजहां, रोशनी व बिट्टन देवी को सीधे लेकर इलाहाबाद की ओर भागे। वहां उनका इलाज चल रहा है। जावेद व शकीला को लेकर लोग जिला अस्पताल आए। यहां डाक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए इलाहाबाद रेफर कर दिया। इलाहाबाद पहुंचने पर शकीला व जावेद की मौत हो गई। यह खबर घर पहुंची तो परिजन रोने बिलखने लगे। महक व सहबान को इलाज के बाद घर जाने दिया गया। पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद वर्मा अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शाहजहां के पटाखा गोदाम को सील करने के साथ ही उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया।