अप्रशिक्षित दाई से प्रसव कराने के चलते जच्चा-बच्चा की तबीयत बिगड़ती गई। इसके बाद भी उसे परिजन अस्पताल नहीं ले गए। यही नहीं दाई भी थोड़ी देर में उसके ठीक होने की बात कहती रही। थोड़ी देर में ही जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। इससे परिजनों में चीखपुकार मच गई। उधर, सूचना पर ससुराल पक्ष के लोग पहुंचे और शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने साथ ले गए।
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के भिटारी गांव की रूपा (22) की शादी भुसवापुर ऊंचाहार रायबरेली में हुई थी। गर्भवती होने के बाद वह मायके में ही रह रही थी। गुरुवार को उसे प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन गांव के पास ही एक अप्रशिक्षित दाई के पास ले गए। दाई ने उसका प्रसव कराने के लिए खून की कमी बताई, लेकिन बाद में उसने प्रसव करा देने की जिम्मेदारी ले ली। दोपहर के करीब में प्रसव तो हो गया लेकिन बच्चा कमजोर हुआ। थोड़ी देर बाद ही उसकी मौत हो गई। उधर महिला को लगातार रक्तस्राव हो रहा था। ऐसे में वह बेहोश हो जा रही थी। परिजनों ने उसे कहीं और ले जाने की बात कही, लेकिन बाद में दाई के कहने में आकर शांत बने रहे।
दाई उसे इधर-उधर की दवा लाकर खिलाती रही। थोड़ी देर बाद महिला बेहोश हुई और बोलना बंद कर दिया। इस पर दाई थोड़ा डरी और उसे अस्पताल ले जाने को कहा। परिजन उसे लेकर अस्पताल जा ही रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। सूचना पर ससुराल के लोग पहुंचे और शव अंतिम संस्कार के लिए अपने साथ ले गए।