सांसद हरिवंश सिंह के करीबियों ने मंगलवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बवाल काटा। जिसके बाद इमरजेंसी छोड़कर स्वास्थ्यकर्मी भाग निकले। मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मी घटना को कैमरे में कैद करने लगा तो उस पर हमला बोल दिया। जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। पत्रकार की तहरीर पर पुलिस ने सांसद के करीबियों पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार की रात डा. आशुतोष सिंह की ड्यूटी थी। रात करीब सवा 11 बजे वह अपने कक्ष में मौजूद थे। तभी खुद को सांसद का निजी सचिव बताने वाले दीपक मिश्र व कार्यालय प्रभारी नरेंद्र दुबे कुछ लोगों के साथ पहुंचे। ईएमओ आशुतोष सिंह की मानें तो नरेंद्र दुबे पुरानी चोट का आपरेशन करने की जिद करने लगे। डाक्टर ने मरहम-पट्टी व इंजेक्शन लगाने के साथ ही दवा देने की बात कही, मगर वह आपरेशन करने की जिद पकड़े रहे।
असमर्थता जताने पर सभी इमरजेंसी में हंगामा करते हुए गालीगलौज करने लगे। जिससे स्वास्थ्यकर्मी जान बचाकर भागे। इस दौरान घटना की कवरेज करने पहुंचे इलेक्ट्रानिक चैनल के एक रिपोर्टर पर निगाह पड़ी तो सांसद के करीबी उनका मोबाइल तोड़ने के लिए छीनाझपटी करने लगे। उसे मारापीटा और गला दबाने की कोशिश की। शोरशराबा सुनकर आसपास के लोग दौड़े तो उसकी जान बची। सूचना मिलने पर शहर कोतवाल, सीओ सिटी अंजनी राय व एएसपी पूर्वी अवनीश मिश्रा अस्पताल पहुंचे।
घटना की छानबीन के बाद रिपोर्टर की तहरीर पर पुलिस ने सांसद के निजी सचिव दीपक मिश्रा व कार्यालय प्रभारी नरेंद्र दुबे व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है। वहीं जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक से लेकर स्वास्थ्यकर्मी तक सहमे रहे। जिला अस्पताल चौकी प्रभारी रातभर सुरक्षा में मुस्तैद रहे।