धन कुबेरों ने कालेधन को सफेद करने के लिए नायाब तरीका निकाला है। तीस प्रतिशत कमीशन पर सेटिंग करके पुराने नोट को बदल कर नया नोट हासिल कर रहे हैं। इस खेल में बैंक कर्मचारी भी अपना कमीशन लेकर कालेधन को सफेद में करने में सहयोग कर रहे हैं।
काली कमाई को बाहर निकालने के लिए प्रचलन से बाहर किए गए पांच सौ और एक हजार रुपये के नोटों को खपाने के लिए धन कुबेरों ने नया रास्ता खोज लिया है। अगर यूं कहा जाय की काला धन के खोज के लिए अगर सरकार डाल-डाल हैं, तो धनकुबेर पात-पात नजर आ रहे हैं। पुराने नोटों को खपाने के लिए बैंकों में तैनात बैंक मित्रों से तीस-तीस प्रतिशत कमीशन सेटकर कालेधन को सफेद कर रहे हैं। यह प्रतिशत भले ही आपको अधिक लग रहा है, मगर इसमें बैंक मैनेजर से लेकर कैशियर तक का शेयर होता है। धन कुबेर भी इस काली कमाई को सत्तर प्रतिशत सुरक्षित मानते हुए यह सौदा करने को तैयार हैं। जिले की अधिकांश शाखाओं में तैनात बैंक मित्र इन दिनों बैकिंग सेवा को छोड़ककर सिर्फ कमीशन बटोरने लगे हुए हैं। यही वजह है कि शाखाओं को दो-दो हजार रुपये के पहुंचने वाले नोट भी सिर्फ दो दिन में खत्म हो गए। हालांकि बैंक के अधिकारी इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं।