30 मार्च को एआरटीओ कार्यालय महुली में कर्मचारी को गोली मारकर 21 लाख रुपये लूटने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तलाशी के दौरान उसके पास से तमंचा संग लूटे गए दो लाख रुपये बरामद हुए। नगर कोतवाल ने बताया कि वह केवल आरोपी को गिरफ्तार किए हैं। विवेचना के दौरान बदमाशों का नाम पूर्व कोतवाल ही खोल दिया था।
बतादें कि महुली स्थित एआरटीओ कार्यालय में 31 मार्च को कर्मचारी रज्जन प्रसाद को गोली मारकर कैशियर धर्म प्रकाश तिवारी के पास से 21 लाख रुपये लूट ले गए थे।
पूर्व नगर कोतवाल हरिपाल सिंह यादव ने विवेचना के दौरान बदमाशों का नाम प्रकाश में लाया था। वह उनकी तलाश में लगे थे लेकिन गिरफ्तार करने में कामयाब नहीं हो सके। वर्तमान नगर कोतवाल ज्ञान सिंह यादव के मुताबिक एआरटीओ कार्यालय में लूट के फरार चल रहे आरोपी मधई का पुरवा के रहने वाले रहमत उल्ला पुत्र जैनुद्दीन के चिलबिला में होने की खबर मिली। सूचना के बाद वह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। इस बीच रहमत को देख मुकदमे के वादी धर्म प्रकाश जोर से चिल्लाने लगा कि इसी ने लूटा था। पुलिस ने उसके पहचानते ही रहमत को दौड़ाकर धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से तमंचा व दो लाख रुपये 5 सौ व एक हजार की पुरानी नोट मिली। पुलिस ने उससे पूछताछ के बाद दूसरे आरोपी की तलाश में दबिश दी लेकिन वे नहीं मिले। बुधवार को उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज कर उसे दोनों मामलों में जेल भेज दिया गया। नगर कोतवाल ने बताया कि पूर्व कोतवाल ने रहमत का नाम प्रकाश में लाया था। गिरफ्तारी शेष रह गई थी। जिसे दबोच लिया गया।
मास्टरमाइंड नहीं लगा पुलिस के हाथ
प्रतापगढ़। नगर कोतवाल ज्ञान सिंह यादव ने बताया कि एआरटीओ कार्यालय में लूट का मास्टरमाइंड पंचमुखी मंदिर के करीब रहने वाला आकाश द्विवेदी है। उसके ठिकाने पर दबिश दी गई लेकिन वह नहीं मिला। आकाश के प्लान बनाने के बाद रहमत, इकबाल समेत दो अन्य बदमाशों ने मिलकर घटना को अंजाम दिया था। लूट के बाद सभी ने रुपये बांट लिए थे।