त्रिसुंडी सेना कैंप में चल रही सेना भर्ती से लौट रही अभ्यर्थियों की भीड़ ने बुधवार को प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर दिन भर हुड़दंग मचाया। यशवंतपुर एक्सप्रेस पर कब्जा कर लिया। ट्रेन पर चढ़ने की जल्दी में अभ्यर्थियों की भीड़ ने जान जोखिम में डालने को तैयार हो गए। वे रेलवे ट्रैक पर फर्राटा भरने लगे। सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों के अचानक घुस जाने से मुसाफिर परेशान हो गये। भीड़ नियंत्रित करने के लिए फोर्स नहीं दिखाई पड़ी।
बुधवार को अकबरपुर और कुशीनगर जिले की सेना भर्ती थी। भर्ती में सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी आए थे। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद साधन पकड़कर भीड़ प्रतापगढ़ और चिलबिला स्टेशन पर पहुंच गई।
दोपहर से पहुंची भीड़ तो लखनऊ जाने के लिये कोई ट्रेन नहीं मिली। सभी लोग ट्रेन का इंतजार करने लगे। इसी बीच पता चला कि यशवंतपुर से लखनऊ जाने वाली ट्रेन आ रही है। सारे लोग हल्ला मचाते हुए प्लेटफार्म एक पर एकत्र हो गए। ट्रेन आई तो लोग चढ़ना शुरू कर दिए। जो लोग दूर रह गये थे वे ट्रेन छूटने के भय से ट्रैक पर कूद पड़े और दौड़ना चालू कर दिए। ये लोग प्लेटफार्म की साइड में न जाकर दूसरी तरफ से कोच में घुसने की कोशिश करने लगे।
धक्का-मुक्की के चलते यात्रियों को काफी दिक्कतें आई। आरक्षित बर्थ पर जबरन बैठने से लोग अभ्यर्थियों को रोक नहीं पाए। भीड़ इतनी थी कि सीट न मिलने पर लोग महिला कोच में घुस गए। भीड़ के चलते जो यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ पाये वे बाद में काशी और पद्मावत एक्सप्रेस से लखनऊ गए।
हमेशा बंद रहता है एक टिकट विंडो
प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर टिकट लेने में यात्रियों को कोई असुविधा न होने पाए इसके लिए रेलवे ने बुकिंग और आरक्षण की तीन-तीन विंडो बनवाई है। मगर केवल दो-दो ही विंडो इस समय खुल रही है। एक विंडो हर समय बंद रहती है। टिकट के लिए यात्रियों को दो काउंटर पर जूझना पड़ रहा है। प्रतापगढ़ से छह गाड़ियां है। इसके अलावा करीब चौदह ट्रेनें अन्य रूटों से इधर आती हैं। इस तरह करीब बीस गाड़ियाें का आना जाना होता है। पयात्रियाें की संख्या अधिक होने के कारण रेलवे ने तीन-तीन काउंटर खोलने का आदेश दिया है। उसके बाद भी अफसरों की आज्ञा का पालन नहीं किया जा रहा है। इस बारे में एसएस त्रिभुवन शर्मा ने पूछने पर बताया कि आरक्षण की एक विंडो केवल तत्काल के समय खोलने का निर्देश हुआ है। कर्मचारी की भी कमी है। बुकिंग में ऐसी कोई समस्या नहीं हैं। तीनों खिड़की खुलनी चाहिए वे इसकी जांच करवाते हैं।