वकीलों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों को शनिवार को एडीजे कोर्ट से झटका मिला। निचली अदालत के तलबी आदेश के खिलाफ अपील करने वाले पुलिसकर्मियों को कोई राहत नहीं मिली। उन्हें अब कोर्ट में पेश होकर जमानत करानी होगी।
दीवानी परिसर में 21 मई 2014 को अधिवक्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने वाले पुलिसकर्मियों को एडीजे रामचंदर पांडेय की कोर्ट से राहत नहीं मिली। सीजेएम कोर्ट ने अधिवक्ता इंद्राकर मिश्र और विद्याभान सिंह की ओर से दाखिल परिवाद में सुनवाई करते हुए तत्कालीन एएसपी विसर्जन सिंह यादव, सीओ सुरेश चंद्र रावत, चौकी इंचार्ज सिविल लाइन अजीत शुक्ला और चौकी इंचार्ज सिटी आलोक कुमार सिंह को 12 जनवरी 2015 को तलब किया था। सीजेएम कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों ने तलबी का आदेश रद्द करने की मांग की थी। शनिवार को अधिवक्ताओं का पक्ष रखते हुए आचार्य ओमप्रकाश मिश्र ने कोर्ट को पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए न्याय की मांग की। सहायक अभियोजन अधिकारी हरिकेश बहादुर सिंह ने भी अधिवक्ताओं को आईं चोटों का हवाला देते हुए पुलिसकर्मियों की गुंडागर्दी बताया। दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनने के बाद एडीजे रामचंदर पांडेय ने पुलिसकर्मियों की अपील खारिज कर दी है। इससे पुलिसकर्मियों को अब सीजेएम कोर्ट में हाजिर होकर जमानत करानी होगी।