घरवालों से बगावत कर प्रेम और शादी करने पर ऑनर किलिंग की शिकार हुई पट्टी कोतवाली क्षेत्र के धनगढ़ सराय छिवलहा निवासी संजू सिंह की मौत के बाद पति सौरभ उसके अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सका। अब वह अपनी जान बचाने के लिए भागा-भागा फिर रहा है। अब पुलिस ने भी उसकी मदद से इनकार कर दिया है।
सवा पांच साल तक चले प्यार के बाद धनगढ़ सराय छिवलहा निवासी संजू सिंह और पट्टी कोतवाली क्षेत्र के ही असुढ़ी निवासी सौरभ पांडेय ने इलाहाबाद के आर्य समाज मंदिर में शादी करने के बाद फिर कोर्ट मैरिज कर ली थी। संजू के पिता राकेश सिंह के साथ ही उसके चाचा और कुछ रिश्तेदार इस शादी के खिलाफ थे।
सौरभ लखनऊ में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। 18 सिंतबर को संजू धनगढ़ सराय छिवलहा से सौरभ के पास लखनऊ पहुंच गई। करीब 22 दिनों तक दोनों साथ रहे। 8 अक्तूबर को संजू के परिजन उसे विदा कराकर लाए थे। संजू के पति सौरभ के मुताबिक घर ले जाने के बाद मायकेवाले संजू की विदाई करने के लिए तैयार नहीं थे। 24 अक्तूबर को सौरभ ने हाईकोेर्ट में रिट दाखिल कर पत्नी की विदाई और सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई। इसके बाद भी पट्टी कोतवाल लापरवाह बने रहे। 30 अक्तूबर को दिवाली के दिन संजू और उसके घरवालों को पट्टी कोतवाली बुलाया।
सौरभ की मानें तो यहां संजू से उसकी बमुश्किल पांच से सात मिनट ही बात कर सकी थी। 2 नवंबर को उसका शव घर में मिला। मायके वाले घर छोड़कर फरार मिले थे। पुलिस के खौफजदा करने से भयभीत सौरभ जनपद की सीमा से बाहर चला गया। वह अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सका। जिसके साथ सात जन्मों तक रिश्ता निभाने के लिए सपना देखा था उसका आखिरी दीदार भी न कर सका। सूत्रों की मानें तो सौरभ इस घटना के बाद बुरी तरह से सहम गया है। वह अपनी जान बचाने के लिए एक जगह से दूसरी जगह भागा-भागा फिर रहा है।
बूढ़ी दादी व दादा ही हैं घर में
असुढ़ी निवासी सौरभ पांडेय के घर पर बूढ़ी दादी व दादा ही हैं। घटना के बाद से दोनों सौरभ के लिए बेहद चिंतित हैं। उसके माता पिता व भाई दूसरे प्रांत में रहते हैं। कुछ दिनों पहले भाभी आकर परिवार के सदस्यों का सेवा करने लगीं। एक ओर वे जहां सौरभ का चेहरा देखने के लिए व्याकुल हैं। वहीं दूसरी ओर उसकी जान की चिंता भी दोनों को सता रही है। माता पिता को भी उसकी चिंता सता रही है। वे उसे अपने पास बुला रहे हैं लेकिन वह खुद की जान असुरक्षित मानते हुए वहां जाने से कतरा रहा है। सौरभ का कहना है कि वह परिवार के लोगों की जान मुसीबत में नहीं डालना चाहता।
उधर असुढ़ी और धनगढ़ सराय छिवलहा के लोग घटना पर खामोशी ओढ़े हुए हैं। कुछ लोग दबी जुबान से चर्चा करते भ्ाी हैं तो अजनबी को देखते ही वे खामोश हो जाते हैं। घटना पूरे जनपद में चर्चा का विषय है। बेटी के हत्यारोपी राकेश सिंह के घर की महिलाएं अभी तक घर नहीं लौटीं। जिसके चलते आसपास के लोग घर की निगरानी कर रहे हैं।