कचहरी आ रहे अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र को काफी करीब से गोली मारी गई थी। दो गोली शरीर को भेदते हुए हुए पार हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद न तो पुलिस के हाथ बुलेट लगी और न ही खोखा। एक पिस्टल की नई कारतूस ही पुलिस के हाथ लगा। रात में एक्सरे के बाद तस्वीर साफ होने पर डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच शव को परिजनों को सौंप दिया गया।
लालगंज कोतवाली के खरगपुर निवासी अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र की मंगलवार को कचहरी आते समय ओझा का पुरवा के करीब बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। देर रात अधिवक्ता के शव का पोस्टमार्टम हुआ। पहले एक्सरे कराया गया। इसके बाद डॉ. एसी दुबे, डॉ. ओमप्रकाश ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बदमाशों ने अधिवक्ता को गोली काफी करीब से मारी थी। पहली गोली पेट में मारी जो सीधे पार हो गई। हेलमेट की वजह से दूसरी गोली गले में मारी थी। जो शरीर के भेदते हुए कंधे के नीचे से निकल गई थी। दोनों बुलेट ने शरीर के नाजुक अंगों को छह स्थानों से बुरी तरह डैमेज कर दिया था। जिससे रक्तश्राव खूब हुआ और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। घटनास्थल पर काफी तलाश के बाद भी खोखा व बुलेट नहीं मिला। हां एक पिस्टल की कारतूस जरूर खोजबीन के दौरान पुलिस के हाथ लग गई। जिससे घटना में प्रयुक्त असलहों को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी रही।
अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र की हत्या करने वाले शातिर बदमाशों ने इस बार पिस्टल का प्रयोग नहीं किया। आसपास के लोगों को तीन फायर सुनने को मिला था। जिसकी आवाज तेज थी। इससे संभावना जताई जा रही है कि हत्यारों ने 315 बोर के असलहे का प्रयोग किया है। राहगीरों की मानें तो गोली मारने वाले बदमाश के हाथ में दो तमंचे थे। बाइक चला रहा बदमाश भी हाथ में तमंचा लहरा रहा था। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।