शनिवार को मुंबई से आई एक फोन काल ने बेल्हा में खलबली मचा दी। इस सूचना ने पुलिस अफसरों के हाथ-पांव फूला दिए। अधिकारियों की गाड़ियां इधर-उधर भागने लगीं। दरअसल मुंबई से किसी सिरफिरे ने एसपी को फोनकर जानकारी दी कि नगर कोतवाली के खजुरनी गांव में छह लोगों की हत्या हो गई। बस फिर क्या था। पुलिस अधिकारियों ने आननफानन में नगर कोतवाल समेत फोर्स को मौके पर भेज दिया। वहां जाने के बाद पता चला कि यहां तो ऐसी कोई घटना ही नहीं हुई है। तब जाकर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
मुंबई से शनिवार की सुबह पुलिस अधीक्षक के पास एक व्यक्ति ने फोन किया।
उसने अपना नाम वीरेंद्र कुमार सरोज पुत्र महादेव सरोज निवासी खजुरनी बताया। कहा कि गांव में उसके परिवार के छह लोगों की हत्या हो गई है। इस पर एसपी ने तत्काल कोतवाली पुलिस को मौके पर पहुंचने का फरमान सुनाया। इसके साथ ही आसपास के थानों की पुलिस को खजुरनी पहुंचने के लिए मैसेज प्रसारित कराया। एसपी का आदेश मिलते ही नगर कोतवाल हरिपाल सिंह यादव दलबल के साथ घटनास्थल की ओर भागे। गांव पहुुंचे तो वहां कुछ भी नहीं था। उन्होंने तत्काल अधिकारियों को फर्जी सूचना देने की बात बताई। इसके बाद दूसरे थानेदारों को रुकने का आदेश दिया गया। कोतवाल ने फोन करने वाले का नंबर मिलाया। वह बंद बताने लगा।
पुलिस वीरेंद्र के घर तक पहुंच गई। पूरे गांव में घटना की हकीकत खंगालने के बाद पुलिस को ग्रामीणों ने बताया कि फोन करने वाले व्यक्ति का परिवार के लोगों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। नगर कोतवाल ने बताया कि वीरेंद्र पिता की मौत के बाद मुंबई में रेल विभाग में नौकरी करता है। उसने फर्जी सूचना देकर पुलिस को परेशान किया है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।