प्राथमिक विद्यालय की छत ढही, दो मजदूरों की मौत
मरम्मत के दौरान हुए हादसे में एक मजदूर घायल, आक्रोशित ग्रामीणों ने लगाया जाम, एंबुलेंस में तोडफ़ोड़
अमर उजाला ब्यूरो
सगरासुंदरपुर (प्रतापगढ़)। लालगंज इलाके के धधुआ गाजन में प्राथमिक विद्यालय की छत अचानक ढह जाने से मरमम्त कार्य में लगे दो मजदूरों की दबने से मौत हो गई। हादसे में एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रशासन के पहुंचने से पहले ग्रामीणों में दोनों मजदूरों के शवों को मलबे से बाहर निकाल लिया। घटना से नाराज ग्रामीणों ने एंबुलेंस में तोडफ़ोड़ की और लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर जाम लगा दिया। अस्पताल पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
लालगंज विकास खंड के धधुआ गाजन स्थित प्राथमिक विद्यालय में ग्राम प्रधान अजय कुमार सरोज द्वारा चौदहवें वित्त से कायाकल्प योजना के तहत मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। बरसात में टपकने वाली स्कूल की छत में प्लास्टर के साथ ही फर्श में टाइल्स लगाई जा रही थी। बुधवार को धधुआ गाजन के पूरे हिमाचल निवासी रामकरन गुप्ता (60) पुत्र शिवरतन, बद्री प्रसाद सरोज (55) पुत्र रामकिशुन व रामनेवाज सरोज (55) स्कूल में मरम्मत का कार्य कर रहे थे। रामकरन व बद्री सरोज कमरे में काम कर रहे थे, जबकि रामनेवाज छत के ऊपर था। सुबह सवा नौ बजे के करीब अचानक छत भरभराकर ढह गई और तीनों मलबे में दब गए। घटना देख शिक्षकों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी। जानकारी पर ग्रामीण मौके पर जुट गए और मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक रामकरन व बद्री की मौत हो चुकी थी। रामनेवाज गंभीर रूप से जख्मी था। छात्रों के बाहर होने की जानकारी पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। घटना के आधे घंटे बाद पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची एंबुलेंस को पर पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद सीएम को बुलाने व आर्थिक सहायता की मांग को लेकर लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर जाम लगा दिया। इससे काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा। मौके पर पहुंचे एएसपी शिवाजी शुक्ल, एसडीएम मोहनलाल व सीओ ओपी द्विवेदी ने मांगें पूरी करने का आश्वासन देकर आधे घंटे बाद जाम समाप्त कराया। इसके बाद लालगंज सीएचसी लाए गए दोनों मजदूरों के शव को कोतवाली पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना को लेकर अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है। कोतवाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस की देरी पर फूटा ग्रामीणों का आक्रोश
तीन किलोमीटर पहुंचने में लग गए आधा घंटे
एंबुलेंस में तोडफ़ोड़ के साथ फूंकने को तैयार थे ग्रामीण
अमर जजाला ब्यूरो
लालगंज। कोतवाली के धधुआ गाजन प्राथमिक विद्यालय में हुए हादसे में दो मजदूरों की मौत के बाद कोतवाल समेत पुलिस के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगाते हुए जमकर हंगामा किया। एंबुलेंस को क्षतिग्रस्त कर फूंकने की तैयारी भी की गई थी, लेकिन सीओ के समझाने पर ग्रामीण शांत हो गए। ग्रामीणों के आक्रोश पर पुलिस बैकफुट पर दिखाई दी।
लालगंज नगर स्थित कोतवाली से धधुआ गाजन प्राथमिक विद्यालय की दूरी सिर्फ तीन किलोमीटर है। यहां स्कूल की छत गिरने से मजदूरों के दबने की सूचना तत्काल कोतवाल को दे दी गई। लेकिन सूचना के बाद भी फोर्स यहां नहीं पहुंच सकी। जिसके बाद ग्रामीणों ने किसी तरह मलवा हटाया और दबे मजदूरों को बाहर निकला और निजी वाहनों से उनको अस्पताल ले जाया गया। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस प्रशासन समय से पहुंचता तो एक मजदूरों में जीवित बचाया जा सकता था। मजदूरों को ग्रामीण बाहर निकाल चुके थे, उसके बाद कोतवाल के साथ स्थानीय पुलिस मौके पहुंची सकी। इसी बीच अस्पताल में दो मजदूरों के मौत की पुष्टि हुई तो इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों में पुलिस-प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए यहां पहुंची एंबुलेंस में तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। ग्रामीण एंबलेंस में आग लगाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन सीओ ओपी द्विवेदी के समझाने पर ग्रामीण शांत हो गए। कोतवाली पुलिस की लापरवाही से नाराज ग्रामीणों के लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों के हाथों में पथ्थर व डंडे देख पुलिस पहले तो उनके पास जाने से कतराती रही। लेकिन बाद में एसडीएम व एएसपी पहुंचे और कोतवाल को साथ लेकर ग्रामीणों को किसी तरह जाम हटाने के लिए तैयार किया। जाम के चलते करीब एक घंटे तक इसमें फंसे राहगीरों की जान हलक में अटकी रही। ग्रामीणों ने रोड खाली किया तब जाकर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। लालगंज पुलिस लापरवाही के चलते जहां राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं सरकारी अस्पताल की एंबुलेंस भी क्षतिग्रस्त हो गई।
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प्रार्थना में शामिल होने से बच गई पचास बच्चों की जान
कमरे में स्कूल बैग रखकर कुछ पल पहले निकले थे छात्र
आंखों के सामने खौफनाक मंजर देख सहम गए नौनिहाल
अमर उजाला ब्यूरो
सगरासुंदरपुर। स्कूल की छत ढहने से हुए हादसे में कई मासूम जिंदा दफन हो जाते, लेकिन प्रार्थना में शामिल होने से सभी सकुशल बच गए। आखों के सामने खौफनाक मंजर देख नौनिहाल सहम उठे। हादसे में कुछ पल पूर्व ही उसी छत के नीचे छात्र-छात्राएं स्कूल बैग रखकर बाहर निकले थे। इसे लोग ईश्वर का चमत्कार ही मान रहे हैं।
लालगंज के प्राथमिक विद्यालय धधुआ गाजन में मरम्मत के दौरान शिक्षण कार्य भी चलता था। शिक्षक व छात्र भी इसी छत के नीचे बैठा करते थे। प्रतिदिन की तरह बुधवार को भी नौ बजे प्रधानाध्यापक लक्ष्मीधर दुबे, शिक्षिका अनामिका तिवारी व शिक्षामित्र हरिकृष्ण, उर्मिला पहुंच गए। इससे पहले ही यहां पंजीकृत 97 छात्रों में से करीब 50 नौनिहाल पहुंच चुके थे। छात्रों ने पहुंचते ही स्कूल में ही अपना बैग रखकर वहीं बैठ गए। तभी प्रार्थना की घंटी बजी और सभी नौनिहाल अपना बैग वहंी छोड़ प्रार्थना के लिए निकल पड़े। प्रार्थना के लिए बच्चे कतार में खड़े ही हो रहे थे कि अचानक स्कूल की छत भर भराकर जमीदोज हो गई। हादसे में तीनों मजदूरों के साथ उनका बैग भी छत के नीचे दब गया। दो मजदूरों को जिंदा दफन होता देख मासूम छात्र सहम गए। कुछ देर तक तो उन्हे समझ ही नहीं आया कि क्या हो गया। हादसा समझ आया तो अधिकतर छात्र भाग खड़े हुए। घटना की जानकारी अभिभावकों को हुई तो विलखते हुए सभी स्कूल की तरफ भागे। लेकिन अपने लाडलों को सुरक्षित देखा तो उनकी जान में जान आई। लोग स्कूल पढने आए अपने कलेजे के टुकड़े को गले लगाकर रो पड़े। खौफनाक मंजर अपनीे आंखों से देखने वाले मासूमों की बदहवासी का आलम ऐसा था कि वे काफी देर तक बोल भी नहीं पाए। कक्षा तीन में पढने वाली छात्रा अंजली पाल से घटना की बावत पूछा गया तो वह विलखने लगी। छात्रा चांदनी कोरी भी काफी देर चुप रही और बाद में आंखों देखी घटना बताते हुए सिसक पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अगर हादसा चंद मिनट पहले अथवा बाद होता तो दो मजदूरों के साथ कई मासूम छात्र भी जिंदा दफन हो जाते। लोग हादसे में छात्रों के जीवित बचने की घटना को ईश्वर का चमत्कार ही मान रहे हैं। इनका कहना था कि भगवान की प्रार्थना ने दर्जनरों नौनिहालों को नई जिंदगी दे दी।
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पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाए जाने के लिए राजस्व कर्मियों को निर्देशित किया गया है। घटना का कारण पता लगाने के लिए बीएसए को फोन कर कह दिया गया। घटना में जो भी दोषी होगा, बीएसए उसके खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।
मोहनलाल गुप्ता, उपजिलाधिकारी, लालगंज
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स्कूल में हुए हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। सप्ताह भर के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।
मो. रिजवान, बीईओ, लालगंज
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प्रमोद व मोना ने सहयोग का दिया भरोसा
लालगंज(ब्यूरो)। हादसे में हुई दो मजदूरों की मौत पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी एवं क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना ने गहरा दुख जताया है। उन्होने मृतक मजदूरों के परिजनों को हर संभव आर्थिक सहायता दिलाए जाने के लिए शासन व स्थानीय अफसरों से वार्ता की है। प्रमोद तिवारी ने हादसे में स्कूल के छात्रों के सुरक्षित होने की जानकारी पर राहत की सांस ली है।
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18 वर्ष पहले हुआ था भवन का निर्माण
सगरा सुंदरपुर। लखनऊ-वाराणसी हाईवे किनारे स्थित धधुआ गाजन प्राथमिक विद्यालय के भवन का निर्माण वर्ष 2001-2002 में हुआ था। तत्कालीन प्रधानाध्यापक रामचरन कोरी की देखरेख में इसका निर्माण कराया था। अठ्ठारह वर्ष पहले हुए भवन निर्माण की छत अचानक ही नहीं ढह गई। बीते वर्षों में छत जर्जन होती चली गई, लेकिन इसे न तो गंभीरता से शिक्षकों ने लिया और न ही विभागीय अफसरों ने भवन की मजबूती खंगाली। लोगों का मानना है कि विभागीय अफसरों ने यदि स्कूल भवन की मरम्मत पहले कराई होती तो हादसा नही होता। साफ है कि दो मजदूरों की मौत के पीछे बेसिक शिक्षा विभाग भी कम जिम्मेदार नहीं है।
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ग्रामीणों का आक्रोश देख भाग निकले बीएसए
सगरा सुंदरपुर। प्राथमिक विद्यालय में हुए हादसे में दो मजदूरों की मौत की जानकारी मिलने पर अफसरों में हडक़ंम मच गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह भी मौके पर आने लिए शहर मुख्यालय से निकल पड़े। लेकिन उनके पहुचने से पहले ही स्कूल के सामने सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित ग्रामीणों का मजमा लग चुका था। लोगों का आक्रोश देख बीएसए का मौके पर जाने का साहस नहीं हो सका। कुछ पल वह सौ मीटर दूर रोड पर रुके, लेकिन ग्रामीणों की दहशत के चलते वह भाग खड़े हुए। यहां से निकलने के बाद वह लालगंज बीआरसी केंद्र पहुंचे और यहां से ही सूत्रों से हालात का जायजा लेते रहे।
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छह माह पहले हुए हादसे से भी नहीं लिया सबक
करंट के चपेट में आ गया कक्षा एक का मासूम छात्र
रानीगंज कैथौला। रामपुर संग्रामगढ़ विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय पूरे अनिरुद्ध में छह माह पहले हुए हादसे से भी शिक्षा विभाग ने कोई सबक नहीं लिया। यहां निर्माणधीन गेट ढह जाने से कक्षा दो के मासूम छात्र की दर्दनाक मौत हो गई थी। पूरे अनिरुद्ध की घटना के बाद विभाग के अफसरों ने जर्जन भवनों की जगह मरम्मत या दूसरा भवन बनवाने की बात कही थी। लेकिन घटना के कुछ दिनों बाद ही अफसर सब कुछ भूल गए। विभाग की लापरवाही के चलते आखिरकार बुधवार को धधुआ गाजन में दो मजदूरों की जान चली गई। प्राथमिक विद्यालयों में नौनिहालों की जान हर पल सांसत में रहती है। लालगंज कोवताली के अगई स्थित प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को कक्षा एक में पढने वाला छात्र सुमित(6) परिसर में ही लगे विद्युत पोल के स्टे तार में उतरे करंट की चपेट मे आ गया। प्रधानाध्यापक दिग्विजय मौर्य उसे आनन फानन में लेकर अस्पताल पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने छात्र को सकुशल बताया तो शिक्षकों व ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
ट्रक ने टेंपो में मारी टक्कर, महिला की जान गई
लालगंज (ब्यूरो)। अनियंत्रित ट्रक ने टेंपो में टक्कर मार दी। इससे उसमें सवार एक महिला की मौत हो गई।
अमेठी जिले के जामो थाना क्षेत्र के कमालपुर निवासी उर्मिला सरोज (40) पत्नी नकछेद सरोज मंगलवार को टेंपो से मनगढ़ भक्तिधाम घूमने आई थी। रात करीब साढे आठ बजे सभी लौट रहे थे। लालगंज कोतवाली के बेलहा गांव के समीप अज्ञात ट्रक ने टेंपो को टक्कर मार दी। जिससे महिला टेंपो से गिरकर घायल हो गई। परिजन उसे लेकर लालगंज सीएचसी पहुंचे, लेकिन यहां पहुंचने पर देर रात चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पर बुधवार को कोतवाली पुलिस ने शव को पंचनामा कर पोस्टामर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। महिला की मौत के मामले में अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ तहरीर दी गई है।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र के चलते गई प्रधानी
लालगंज(ब्यूरो)। सांगीपुर विकास खंड के किशुनगढ़ में मो. अशरफ ने बीते पंचायत चुनाव के दौरान कब्जा जमाया था। लेकिन निर्वाचन के पश्चात ही राम मिलन मौर्य निवासी मकदूमपुर ने असरफ पिछड़ी जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर प्रधानी हथियाने का आरोप लगाते एसडीएम न्यायालय में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान साक्ष्यों के आधार पर साबित हो गया कि असरफ का पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र फर्जी है। जिस पर एसडीएम दिनेश मिश्र ने असरफ का प्रधान पद पर निर्वाचन निरस्त कर दिया। निर्वाचन निरस्त होने के बाद किशुनगढ़ का प्रधान पद रिक्त घोषित कर सूचना अफसरों को भेज दी गई है।