उदयपुर। टैंकर की चपेट में आने से किशोर की मौत पर नाराज लोगों ने बाजार में जाम लगा दिया। दुकानदारों ने भी दुकानें बंद कर विरोध जताते हुए समर्थन किया। जनप्रतिनिधियों व अफसरों के आर्थिक सहयोग व ब्रेकर बनाए जाने के आश्वासन पर ग्रामीण जाम खत्म करने को तैयार हुए। इससे पहले तीन घंटे तक आवागमन पूरी तरह से ठप रहा।
विहार के रहने वाले आलम ने उदयपुर थाना क्षेत्र के अठेहा बाजार में पंचर बनाने की दुकान खोली है। गुरुवार को शाम चार बजे उसके चौदह वर्षीय पुत्र राजा की टैंकर की चपेट में आने से मौेत हो गई थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना को लेकर शुक्रवार सुबह नौ बजे लोगों ने अठेहा बाजार तिराहे पर जाम लगा दिया। बाजार के दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें बंद कर दी। जाम लगाने वालों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही तिरोहे से मेन रास्ते को जोड़ने वाली सड़कों पर ब्रेकर बने और टैंकर चालक के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई करे। जाम के चलते आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया।
सूचना पर सीओ रमाकांत यादव के साथ उदयपुर व सांगीपुर थाने की फोर्स मौके पर पहुंच गई, लेकिन बाजारवासी जाम हटाने को तैयार नहीं थे। इसकी जानकारी होने पर क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना ने प्रतिनिधि के रूप में प्रधानाचार्य सुधाकर पांडेय व रामबोध शुक्ल को भेजा। यहां पहुंचकर प्रधानाचार्य पांडेय ने विधायक से लोगों की बात कराई। जिस पर विधायक ने तत्काल दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई और शासन की ओर से हर संभव आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए। तीन घंटे बाद जाम समाप्त हुआ तब जाकर आवागमन सामान्य हो सका। सीओ रमाकांत यादव ने बताया कि कुछ मांगों को लेकर ग्रामीणों ने जाम लगाया था। मौके पर जाकर उनको समझाकर शांत करा दिया गया।