शहर में धमकी सीबीआई की दो टीमें, तैयार किया क्राइम सीन
इंस्पेक्टर अनिल हत्याकांड : होटल वैष्णवी में सीबीआई ने की जांच, होती रही वीडियोग्राफी, सुबह से ही तलब किए थे आरोपी व चश्मदीद
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। पूर्व शहर कोतवाल अनिल कुमार की हत्या की जांच करने पहुंची सीबीआई ने सोमवार को फिर घटनाक्रम दोहराया। 19 नवंबर की रात वाला क्राइम सीन तैयार किया। हत्यारोपी बोचा के साथ जीशान बना टीम का सदस्य रिवाल्वर से गोलियां चलाता रहा और गोली लगने के बाद सीढ़ी से गिरकर इंस्पेक्टर अनिल लुढक़ गए। करीब तीन घंटे तक सीबीआई क्राइम सीन तैयार करती रही। सुबह से ही आरोपी समेत अन्य लोगों से टीम अलग-अलग पूछताछ करती रही।
शहर के पूर्व कोतवाल अनिल कुमार 19 नवंबर 2015 को शहर के वैष्णवी होटल (अब नर्सिंगहोम) में रुके थे। होटल के नीचे मॉडल शाप था। जहां कुछ लोगों के बीच वाद-विवाद के दौरान फायरिंग होने लगी। फायर की आवाज सुनकर इंस्पेक्टर अनिल सीढिय़ों से नीचे की ओर भागे। इस दौरान उनके सीने में एक गोली जा लगी और उनकी मौत हो गई। इस मामले में तत्कालीन नगर कोतवाल हरपाल सिंह यादव ने घटना का खुलासा करते हुए पल्टन बाजार निवासी बोचा सोनी और जीशान को आरोपी बनाते हुए जेल भेज दिया था। घटना की विवेचना करने वाले सीओ मनीष कुमार ने इंस्पेक्टर अनिल हत्याकांड को इत्तेफाकिया हादसा मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में भेज दिया। जबकि अनिल की पत्नी आरती गुर्जर व भाई विनोद कुमार इसे साजिश बताते हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक व पूर्व शहर कोतवाल के साथ ही स्वॉट टीम प्रभारी पर साजिश का आरोप लगाते रहे। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी। अभी तक लखनऊ से सीबीआई के अपर पुलिस अधीक्षक आरएन मिश्र अपनी टीम के साथ जांच कर चुके हैं। सोमवार को फिर एएसपी की अगुवाई में टीम जिला पंचायत मेें आ गई। यहां होटल के मैनेजर, तत्कालीन नगर कोतवाल हरपाल सिंह, हत्यारोपी बोचा सोनी, मोनू पटवा, आरक्षी राजेंद्र प्रसाद उपाध्याय से अलग-अलग पूछताछ होती रही। पद्मावत से शाम सवा तीन बजे दिल्ली से भी सीबीआई की दूसरी टीम पहुंची। शाम को वैष्णवी होटल पहुंचकर 19 नंवबर 2015 का क्राइम सीन तैयार किया। सभी से जानकारी लेने के आरोपी बोचा को लेकर टीम के सदस्यों ने घटना दोहराई। जिसका खाका तैयार करने में सीबीआई को करीब तीन घंटे से अधिक का समय लगा। आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद टीम लौट गई।
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सीबीआई की धमक से बढ़ी बेचैनी
इंस्पेक्टर अनिल कुमार हत्याकांड की जांच करने के लिए सोमवार को दिल्ली व लखनऊ की टीम आने के बाद कुछ लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। कुछ पुलिसकर्मियों से सीबीआई पूछताछ कर सकती है।
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खाने के लिए भेजा घर
लखनऊ से इंटरसिटी ट्रेन पकडक़र सीबीआई टीम सोमवार की सुबह स्टेशन पहुंचीं। वहां से जिला पंचायत सभागार आ गई। टीम ने पहले से ही हत्यारोपी जीशान, चश्मदीद गवाह मोनू पटवा समेत अन्य लोगों को बुला लिया था। कई घंटे तक अलग-अलग पूछताछ करने के बाद टीम ने सभी को दोपहर खाना खाने के लिए घेर भेज दिया। खाना खाने के बाद सभी वापस आए तो उन्हें लेकर टीम घटनास्थल पर पहुंचीं।
मोनू पटवा का हुआ पॉलीग्राफ टेस्ट
होटल के मैनेजर, हत्यारोपी व चश्मदीद को सीबीआई ने किया था तलब
आज भी पॉलीग्राफ टेस्ट से गुजरेंगे मैनेजर व हत्यारोपी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। इंस्पेक्टर अनिल हत्याकांड की जांच करने पहुंची सीबीआई ने देर रात घटना के चश्मदीद गवाह मोनू पटवा का पॉलीग्राफ टेस्ट किया। देर से पहुंचने के कारण मैनेजर व हत्यारोपी को पालीग्राफ टेस्ट मंगलवार को लिया जाएगा। सभी को सुबह से जिला पंचायत में तलब किया गया था।
इंस्पेक्टर अनिल की 19 नवंबर को नगर कोतवाली के होटल वैष्णवी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अनिल की पत्नी आरती गुर्जर ने पति की हत्या साजिशन करने का आरोप लगाते हुए कोर्ट में वाद दायर किया था। उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई टीम घटना की छानबीन कर रही है। सोमवार को सीबीआई टीम लखनऊ के एएसपी आरएन मिश्र ने हत्यारोपी बोचा सोनी, गवाह मोनू पटवा, होटल मैनेजर अमित सिंह, इंस्पेक्टर हरपाल सिंह यादव, आरक्षी राजेंद्र प्रसाद उपाध्याय को तलब कर लिया था। सूत्रों की मानें तो मैनेजर अमित सिंह, हत्यारोपी बोचा व गवाह मोनू पटवा का पॉलीग्राफ टेस्ट होना था। जिसके लिए दिल्ली से सीबीआई की एक टीम निकली थी। चूंकि पद्मावत एक्सप्रेस करीब सवा तीन बजे रेलवे स्टेशन पहुंची। जिसके चलते काफी विलंब हो चुका था। देर रात घटनास्थल पर मौजूद मोनू पटवा निवासी मीराभवन का पॉलीग्राफ टेस्ट शुरू हुआ। मंगलवार को मैनेजर अमित व आरोपी बोचा सोनी का टेस्ट होगा।