लालगंज। गर्भपात के बाद अस्पताल के समीप छिपाए गए नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर पुलिस फिर सो गई। जांच में लापरवाही के चलते लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश है। तीसरे दिन बाद भी यह साफ नहीं हो सका कि गर्भपात अस्पताल में हुआ अथवा कहीं और से लाकर यहां फेंक दिया गया। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग मामले की लीपापोती में जुटे हुए हैं।
लालगंज सीएचसी की बाउंड्री वाल के समीप गुरुवार को खाली पड़े एक प्लाट में करीब आठ माह के एक नवजात का शव गोबर में दबाकर रखा गया था। यहां मिले शव को तीन घंटे तक जानवर नोचते रहे, लेकिन पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूटी। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस केस की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया, वहीं सूचना के बाद भी पुलिस संवेदनहीन बनी रही। लोगाें की शिकायत पर आखिरकार अफसरों ने कोतवाल को फटकार लगाई तो उनकी नींद टूटी। भागकर वह मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। औपचारिकता पूरी कर पुलिस वापस लौट गई। तीन दिन बाद भी पुलिस न तो मामले की जांच करने गई और न ही स्वास्थ्य विभाग की छानबीन शुरू हो सकी। अधीक्षक के बारे में बताया गया कि विभागीय मीटिंग में गए हुए हैं, जबकि कोतवाल के क्राइम मीटिंग में जाने की बात कही गई। सीएमओ का कहना है कि जांच कराई जाएगी।
अवैध गर्भपात का मामला लालगंज इलाके मे कोई पहली बार सामने नहीं आया है। आए दिन गर्भपात के बाद भ्रूण व नवजात का शव आस पास मिलता रहता है। संदेह के दायरे में भले ही नर्सिंग होम व क्लीनिक हैं, लेकिन सीएचसी की कुछ स्टाफ नर्स पर गर्भपात कराने का गंभीर आरोप है। बताया जाता है कि यहां तैनात एक स्टाफ नर्स अपने सरकारी आवास में ही मोटी रकम लेकर गर्भपात कराती थी। शिकायत पर उसका तबादला दूसरी अस्पताल में कर दिया गया, इसके बाद भी वह लालगंज सीएचसी के समीप ही किराए पर कमरा लेकर रहती है। लोगों की माने तो डियूटी करने के बाद वह वापस लौटती है और रात में गर्भपात कराने का कार्य करती है।
कोतवाली के लोहंगपुर में किशोरी के पेट में पांच माह का गर्भ मिलने पर आरोपी के खिलाफ पुलिस से शिकायत की गई है। परिजनाें का आरोप है कि 15 वर्षीय किशोरी को बरगला कर पड़ोस के रहने वाले युवक ने अवैध संबंध बना लिया। चोरी छिपे किशोरी के साथ वह शारीरिक संबंध बनाता रहा। आरोपी युवक दो बच्चाें का पिता भी है। किशोरी के गर्भवती होने पर युवक ने उससे दूरी बना ली। किशोरी ने भी गर्भ होने की बात परिजनों से छिपा ली, लेकिन पांच माह बीतने के बाद उसके गर्भवती होने की पुष्टि हो गई। इस पर परिजनाें ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोपी युवक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने छानबीन के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है। बताया जाता है पहले दोनाें पक्षों के बीच पंचायत हुई लेकिन समझौता नहीं हो सका।