क्रेन की टक्कर से डीसीएम चालक की मौत
कोहरे के कारण रामपुर गौरी के पास हाईवे पर हुई घटना, क्रेन चालक फरार
सूचना मिलने पर रोते बिलखते अस्पताल पहुंचे परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
राजगढ़/ पृथ्वीगंज। वाराणसी- लखनऊ राजमार्ग पर आधी रात को क्रेन की टक्कर से डीसीएम चालक की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक फरार हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने डीसीएम चालक को जिला अस्पताल लेकर गई। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रायबरेली के बछरावां थाना क्षेत्र के कुर्री सिदौली निवासी तुलसीराम (40) ट्रक चालक था। मंगलवार की रात वह जौनपुर के सतहरिया औद्योगिक आस्थान से मुर्गी का चारा लाद कर लालगंज अझारा के लिए निकला था। आधी रात को डीसीएम ट्रक लेकर वह नगर कोतवाली के रामपुर गौरी के पास पहुंचा। कोहरा पड़ रहा था । इस बीच सामने से बेकाबू क्रेन ने डीसीएम में टक्कर मार दी। जिससे चालक तुलसीराम गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्रेन चालक वाहन छोड़कर भाग निकला। राहगीरों की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस उसे जिला अस्पताल लेकर गई। जहां उसे मृत घोषित कर दिया। खबर मिलने पर मृतक तुलसीराम का भाई रामदास परिजनों संग जिला अस्पताल पहुंचे। रामदास की तहरीर पर पुलिस ने क्रेन चालक पर केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी।
युवक की हत्या का राज तलाशने में पुलिस नाकाम
अधिवक्ता साथी को हिरासत में लेकर पुलिस कर रही पूछताछ
जमीन के विवाद में भी पुलिस को नहीं मिला सुराग
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। हत्या कर युवक को सई पुल से नदी में फेंके जाने की छानबीन कर रही पुलिस 36 घंटे बाद भी घटना का राज जानने में नाकाम रही। पुलिस इसे हत्या मानने से भी इंकार कर रही है। जमीन के विवाद में हुई छानबीन में भी कोई बात सामने नहीं आ सकी। अधिवक्ता साथी को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
कंधई थाना क्षेत्र के ताला निवासी सुनील ओझा पुत्र ज्ञान ओझा की मंगलवार की सुबह जिरियामऊ किशुनदासपुर खीरीबीर घाट पर सई नदी में लाश मिली थी। उसकी बुलेट सई नदी के पुल मिली थी। मां सुषमा देवी की तहरीर पर पुलिस ने सुनील के अधिवक्ता साथी सतीश निवासी स्कूल वार्ड, ताला निवासी तुफैल, सुहैल, साबिर और अतई पर देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया। अधिवक्ता साथी सतीश को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। ताला में पिता की बेची जमीन पर सुनील ने बैनामा लेने वालों को कब्जा नहीं करने दिया था। इसकी छानबीन में भी मामला कुछ खास नहीं निकला। सतीश से पूछताछ में भी सुनील की मौत का राज समाने नहीं आ सका। अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। पुलिस अधीक्षक एस आनंद का कहना है कि सुनील की मौत महज हादसा ही लग रहा है। फिलहाल हर बिंदुओं पर छानबीन के बाद अभी तक कोई ऐसा राज सामने नहीं आ सका।
ब्याज पर रुपये लेने वालों में हड़कंप
कंधई थाना क्षेत्र के ताला निवासी सुनील ओझा ने शहर से लेकर गांवों में करीब 1.5 करोड़ रुपये ब्याज पर बांटा है। ब्रांडेड वस्तुओं की दुकान खोलने वालों ने भी ब्याज पर रुपये ले रखा है। सुनील की मौत के बाद रुपये लेने वालों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
लाइसेंस नहीं, फिर भी बांट रहे ब्याज पर रुपये
सूदखोरी का लाइसेंस भले ही न हो लेकिन जरूरतमंदों व जुआ खेलने के शौकीनों को ब्याज पर लाखों रुपये देने का काम बखूबी चल रहा है। जिला प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर लोगों को ब्याज पर रुपये बांटे जा रहे हैं। शहर कोतवाल का कहना है कि सुनील भी अवैध तरीके से सूदखोरी का कारोबार करता था।
बहीखाते की जांच करेगी पुलिस
लोगों को ब्याज पर रुपये देने वाले सुनील ओझा के बहीखाते की पुलिस जांच करेगी, ताकि ब्याज पर रुपये लेने वालों की जानकारी हो सके। पुलिस उन से भी पूछताछ करेगी, जिन पर मृतक की मां सुषमा ने हत्या की आशंका जताई है। उन लोगों के घर पर पुलिस गई लेकिन वे बाहर थे। सभी से पूछताछ करने के बाद ही पुलिस कोई फैसला करेगी।