आईजी मोहित अग्रवाल ने अभी गुरुवार शाम को ही अपराध रोकने के लिए जिले के पुलिसकर्मियों को चेतावनी दी थी। सई कांप्लेक्स में हुई समीक्षा बैठक में लापरवाह थानेदारों को फटकार लगाई थी। शाम सात बजे तक वह पुलिसकर्मियों को अपराध रोकने के लिए तरीके बताते रहे। उनके जाने के 17 घंटे बाद ही जिले में ताबड़तोड़ तीन बड़ी घटनाएं हो गईं। इसके चलते दूसरे दिन ही आईजी को फिर भागकर प्रतापगढ़ आना पड़ा। सुबह 11.45 बजे शाम तक एक के बाद एक घटनाएं होती रहीं और घटनास्थल की ओर भागते रहे। उधर, जिले में बैंक डकैती और चार हत्याओं की घटनाओं से लोग सहम गए।
आईजी मोहित अग्रवाल ने गुरुवार को सीओ से लेकर थानेदारों तक की मीटिंग ली थी। पुलिसिंग पर काम न होने पर थानेदार से लेकर चौकीदारों तक की क्लास लगाई थी। जेठवारा, अंतू समेत कई थानेदारों को जमकर फटकार भी लगाई थी। हर हाल में अपराध रोकने की चेतावनी दी थी। आईजी की डांट-फटकार का भी अंतू एसओ पर कोई असर नहीं पड़ा। शुक्रवार को सुबह 11.45 बजे बदमाशों ने पहले गोबरी में बड़ौदा ग्रामीण बैंक में डकैती डालकर सात लाख रुपये लूट लिए। दो घंटे बाद गड़वारा पुलिस चौकी से चंद कदम दूर कई दिनों से जमीन को लेकर छिड़ी जंग में जय सिंह व उसकी पत्नी प्रीतम देवी को गोलियों से छलनी कर दिया गया। इन घटनाओं की जानकारी मिलने पर आईजी मोहित अग्रवाल करीब तीन बजे फिर भागकर प्रतापगढ़ फिर आए। वह अभी अंतू थाना क्षेत्र में घटनाओं की जानकारी ले रहे थे, तभी बाघराय थाना क्षेत्र के भिटारा में भीम सिंह व उसके भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बवाल की खबर पर आईजी मोहित अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक मौके की ओर भागे। लोगों का आक्रोश देखते हुए कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। जिला अस्पताल भी पुलिस छावनी में रूप में तब्दील हो गया। रात आठ बजे आईजी एसपी के साथ बाघराय के भिटारा गांव पहुंचे।