सगरासुदंरपुर। पतुलकी गांव में कोटे के चयन के लिए बुलाई गई बैठक में जमकर बवाल हुआ। दो पक्षों में मारपीट के बाद हवाई फायरिंग हुई। इस दौरान बैठक की अध्यक्षता कर रहे ग्राम पंचायत सदस्य समेत तीन लोग घायल हो गए। गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई। बवाल होता देख कोटे का चयन कराने आए अफसर भाग खड़े हुए। जेठवारा पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ।
लक्ष्मणपुर विकास खंड के पतुलकी में कोटे के चयन के लिए शनिवार को गांव के ही प्राथमिक विद्यालय परिसर में ग्रामीणों की बैठक हुई। अफसरों के निर्देश पर एडीओ पंचायत अशोक शर्मा व जेई एमआई एके पटेल ने बैठक में प्रक्रिया शुरू कराई। ग्राम प्रधान सुनीता चौरसिया के मौजूद नहीं हाने से ग्राम पंचायत सदस्य सालिकराम की अध्यक्षता में बैठक हो रही थी। एडीओ पंचायत ने ग्रामीणों से हाथ उठाकर बहुमत से कोटे का चयन करने की बात कही। हालांकि इस प्रक्रिया को लेकर कोटे के दावेदारों में सहमति नहीं बन सकी। एक पक्ष हाथ उठाकर कोटे का चयन करने पर सहमत था, वहीं दूसरा पक्ष गुप्त मतदान से कोटे का चयन कराने पर अड़ गया। इसी बात को लेकर हुई कहासुनी के दौरान दोनों पक्ष के समर्थक आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते मारपीट होने लगी। इसमें ग्राम पंचायत सदस्य सालिकराम समेत बालकृष्ण व आलोक कुमार घायल हो गए।
मारपीट के दौरान एक पक्ष ने तमंचे से हवाई फायरिंग शुरू कर दी। कई राउंड फायरिंग से मौके पर दहशत फैल गई। कोटे का चयन कराने आए एडीओ पंचायत व जेई एमआई मौके से भाग खड़े हुए। ग्रामीणों के बीच भगदड़ मचने से अफरातफरी का माहौल हो गया। सूचना पर जेठवारा एसओ फोर्स के साथ पतुलकी पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। पुलिस के पहुंचने से पहले ही फायरिंग करने वाले भाग निकले। पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजवाया। ग्रामीणों के घर जाने के बाद पुलिस वापस लौट गई। घटना को लेकर अभी किसी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। एसओ बीपी त्रिपाठी ने बताया कि हवाई फायरिंग करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। कोटे के चयन की बैठक के लिए अफसरों ने प्राथमिक विद्यालय परिसर का चयन किया था। दोपहर बारह बजे एक ओर कोटे के चयन को लेकर रस्साकशी चल रही थी, वहीं दूसरी ओर स्कूल के छात्र-छात्राएं पठन पाठन में व्यस्त थे। अचानक मारपाीट और फिर फायरिंग होने से कक्षाआें में मौजूद बच्चे खौफजदा हो गए। शिक्षक भी सहम गए और उन्होंने कक्षाओं का दरवाजा भीतर से बंद कर लिया। बवाल शांत होने पर दरवाजा खुला तो बच्चे घर भाग निकले।