गोरखपुर में नहीं मिले रुपये, झूंसी पहुंची पुलिस
हब्बू से रुपये बरामद करने के लिए पुलिस कर रही भागदौड़
घटना में प्रयुक्त बाइक हो सकती है बरामद, आज जेल में दाखिल होगा हब्बू
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। बैंक लूट के आरोपी हब्बू सरोज को रुपये बरामद करने के लिए 72 घंटे की रिमांड पर लेकर गोरखपुर पहुंची अंतू पुलिस को खाली हाथ वहां से लौटना पड़ा। अब पुलिस झूंसी में रुपये की तलाश कर रही है। घटना में प्रयुक्त बरामद होने की संभावना जताई जा रही है। गुरुवार को पुलिस उसे जेल में दाखिल करेगी।
अंतू पुलिस ने ग्रामीण बैंक में हुई लूट के रुपये बरामद करने के लिए कोर्ट की अनुमति के बाद 72 घंटे के लिए हब्बू सरोज को रिमांड पर लिया था। रुपये बरामद करने के लिए अंतू के एसएसआई गोरखपुर के कुसमी जंगल में खाक छानते रहे। हब्बू पुलिस को दोपहर तक घुमाता रहा। फिर पूछताछ के दौरान रुपये झूंसी में छिपाए होने की जानकारी मिली। पुलिस उसे लेकर झूंसी के लिए रवाना हो गई। पुलिस सूत्रों की मानें बैंक लूट की घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद होने की संभावना जताई जा रही है। हब्बू ने कई राज बताया है। जिससे फरार चल रहे कुछ लोगों पर शिकंजा कसा जा सकता है। गुरूवार को चार बजे पुलिस उसे जेल में दाखिल करेगी।
मारपीट की घटनाओं में महिला समेत कई घायल
संडवाचंद्रिका। रंजिश में मारपीट की घटनाओं में महिला समेत कई लोग घायल हो गए। अंतू थाना क्षेत्र के उमरी निवासी मोहम्मद सिद्दीक का अपने पड़ोसी अकरम से विवाद चला आ रहा है। बुधवार की सुबह दोनों घर की महिलाओं के बीच कहासुनी होने लगी। अकरम पक्ष के लोगों ने लाठी डंडे से सिद्दीक व उनकी बहू जिन्नतुल निशा व नातिन अजमुतुल निशा को मारपीट कर घायल कर दिया। तहरीर मिलने पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर लिया। दूसरी घटना में छतरपुर निवासी कमलेश वर्मा का पड़ोसी रामचंद्र वर्मा से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। विवादित भूमि पर बुधवार को रामचंद्र जबरन कब्जा करने लगा। जिसका विरोध करने पर कमलेश वर्मा की पत्नी सोनू देवी, बहन उर्मिला ने कब्जे का विरोध किया। हमलावरों ने दोनों को मारपीट कर घायल कर दिया।
दुकान में तोड़फोड़, मारपीट
संडवाचंद्रिका। रंजिश को लेकर दबंग लोगों ने टेंट की दुकान में घुसकर तोडफ़ोड़ की। विरोध करने पर संचालक को मारपीट कर घायल कर दिया। अंतू थाना क्षेत्र के उमरी निवासी नीरज की उमरी बाजार में टेंट की दुकान है। बुधवार दोपहर रंजिश को लेकर कुछ लोगों ने उसकी दुकान पर धावा बोला। हमलावरों ने दुकान में तोडफ़ोड़ करने के बाद नीरज को पीटा। वह किसी तरह जान बचाकर भाग निकला। उसने पुलिस को तहरीर दी है।
रिपोस्टिंग वाले थानेदार करा रहे खाकी की किरकिरी
शातिर लुटेरे पकड़ से दूर, संदिग्धों से हो रहे मालामाल
दागी थानेदारों ने कमान संभालने के बाद शुरू कर दी है मनमानी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। भले ही शासन से थानेदारों की दुबारा थानों पर रिपोस्टिंग न करने का आदेश हो लेकिन जिले में कुछ प्रभावशाली लोगों ने अफसरों को गुमराह कर फिर से उसी थाने में पोस्टिंग हासिल कर ली है। दुबारा तैनाती के बाद से ही थानेदार की कमान संभालने वाले इंस्पेक्टर बेलगाम हो चुके हैं। वे लगातार खाकी की किरकिरी भी कराने पर उतारू हैं। शातिर बदमाशों को पकडने में नाकाम थानेदार उनके करीबियों को संदिग्ध बताकर पूछताछ के लिए थाने पर लाते हैं और लंबी वसूली के बाद ही छोड़ रहे हैं।
जिले में सनसनीखेज घटनाओं के बाद पुलिस अफसरों ने तीन थानेदारों को फिर से थानों पर तैनाती दे दी है। कोहड़ौर में व्यापारी भाइयों की हत्या के बाद विभाग और पब्लिक के कुछ लोगों ने अपना उल्लू सीधा करने के लिए एमपी सिंह को फिर से थानेदारी दिला दी। दुबारा थानेदारी कर रहे एमपी सिंह अब मनमानी करने पर उतर आए हैं। बासूपुर में कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया।
जेठवारा थाना क्षेत्र में साधन सहकारी समिति के सचिव से लाखों रुपये लूटने के बाद अपना उल्लू सीधा करने वाले पुलिसकर्मियों के साथ ही कुछ लोकल लोगों ने अफसरों को गुमराह करते हुए चर्चित इंस्पेक्टर मनीष पांडेय को फिर से तैनाती दिला दी। जिस केस का खुलासा करने के लिए उन्हें दुबारा तैनाती मिली। उस घटना को अंजाम देने वाले आरोपी अभी भी पकड़ में नहीं आ सके। जबकि दर्जन भर से अधिक लोगों को संदेह के नाम पर थाने लाया गया और वसूली के बाद ही छोड़ा गया। लोगों का कहना है कि चर्चित थानाध्यक्ष मनीष पांडेय की दुबारा तैनाती के बाद से कुछ लोग अवैध कारोबार खुलेआम कर रहे हैं।
कंप्यूटर कोचिंग संचालक व भाजपा नेता अतुल शुक्ला की हत्या के बाद भी ऐसा ही हुआ। कुछ लोगों ने नवागत पुलिस अधीक्षक का गुमराह करते हुए फिर से संजय शर्मा को कमान सौंप दी। जबकि पूर्व विधायक बृजेश सौरभ समेत इलाके के काफी लोग उनकी तैनाती का विरोध करते रहे। अतुल हत्याकांड के खुलासे के बाद फिर कंधई थानेदार की मनमानी चर्चा का विषय बनी हुई है। हत्या का खुलासा करने के लिए बीस से अधिक लोगों को उठाया गया। लोगों का कहना है कि कंधई थानाध्यक्ष का एक प्रधान करीबी है। जिसके इशारे पर बेगुनाहों को पूछताछ के लिए उठाया जाता रहा और फंसाने की धमकी देकर रुपये की वसूली होती रही। हालांकि पुलिस अफसरों का दावा है कि पब्लिक की डिमांड पर सभी को दुबारा तैनाती दी गई लेकिन हकीकत इलाके के पीड़ित लोगों से मिलने के बाद पता चलता है।
रमेश राय को मिली देल्हूपुर की कमान
प्रतापगढ़। पुलिस अधीक्षक ने चौकी प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल करते हुए सिपाहियों को थानों पर तैनात किया है। देल्हूपुर चौकी प्रभारी आलोक सिंह को हथिगवां थाने भेजा गया है। लीलापुर चौकी प्रभारी रमेश राय को देल्हूपुर चौकी प्रभारी बनाया गया है। राजेश कुमार राय को हथिगवां से मानधाता, रानीगंज में तैनात दरोगा हरीश तिवारी को रानीगंज से लीलापुर चौकी भेजा गया है। मुख्य आरक्षी इबरार खां को लालगंज, ईश्वर लाल को नगर कोतवाली से उदयपुर, आरक्षी मिथलेश मिश्र को जेठवारा, शशिकांत यादव लालगंज से पुलिस लाइन, कुलदीप यादव को लालगंज से पुलिस लाइन और लाल बाबू शुक्ला को पुलिस लाइन से लालगंज भेजा गया है।