जिले में एक साल के अंदर ढाई करोड़ रुपये के गर्भनिरोधक बिक रहे हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि मुफ्त में मुहैया कराने के लिए अस्पतालों के साथ सार्वजनिक स्थानों पर कंडोम बॉक्स लगाए गए हैं। हकीकत यह है कि अधिकतर बाक्स सिर्फ दिखावा हैं।
डीपीएम डाॅ. एसबी यादव ने बताया सरकारी अस्पतालों के साथ प्रमुख स्थानों पर 680 कंडोम बॉक्स लगाए गए हैं। अप्रैल से अब तक 5.25 लाख कंडोम पीस मुफ्त में वितरित किए गए। 27 पुरुष तो 763 महिलाओं ने नसबंदी कराई है। गर्भधारण से बचने के लिए 428 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन लगवाया।
पड़ताल करने पर पता चला कि सरकारी अस्पतालों को छोड़कर अन्य स्थानों पर लगाए गए कंडोम बॉक्स ही गायब हो गए हैं। कई सरकारी अस्पतालों में लगे बॉक्स में कंडोम ही नहीं है।
यह भी जानें
नवदंपती जब तक बच्चा न चाहें, तब तक अस्थायी साधनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। पहला बच्चा होने के बाद तीन साल तक अस्थायी साधनों का विकल्प चुना जा सकता है। गर्भ समापन या गर्भपात के बाद भी छह माह तक परिवार नियोजन का साधन अपनाया जा सकता है।
प्रोत्साहन राशि का प्रावधान
सीएमओ डॉ. एएन प्रसाद ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत महिला नसबंदी पर दो हजार तो पुरुष नसबंदी पर 3000 रुपये, प्रसव बाद पीपीआईयूसीडी लगवाने पर 300 रुपये और गर्भपात के बाद आईयूसीडी लगवाने पर 300 रुपये और अंतरा इंजेक्शन लगवाने पर सौ रुपये लाभार्थी के खाते में स्वास्थ्य विभाग देगा।
बाक्स
गर्भ निरोधक के उपाय लक्ष्य 23-24 अप्रैल 24 से अब तक
पुरुष नसबंदी 42 17 27
महिला नसबंदी 5250 910 763
आईयूसीडी 13370 2129 1976
पीपीआईयूसीडी 12,910 3140 3133
अंतरा 16270 3408 4289
छाया 53680 11321 16542
मालाएन 235370 81997 78661
कंडोम 11.38 लाख 760 36.5 लाख 121 5.25 लाख 347