20 घंटे बाद निकाला जा सका शव, गंगा एक्सप्रेस वे के लिए की गई थी खोदाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कुंडा। महेशगंज थाना क्षेत्र के बदल का पुरवा बदगवां गांव निवासी सिपाही लाल बहादुर के पिता अयोध्या प्रसाद यादव (63) की गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए खोदे गए पानी भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। तकरीबन बीस घंटे बाद शव को निकाला जा सका। शव देखते ही परिजन रोने बिलखने लगे।
रविवार को अयोध्या प्रसाद यादव घर से भैंस चराने निकला था। गांव के बगल ही गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए खोदाई की जा रही थी। बारिश में उसने तालाब का रूप ले लिया है। इस दौरान अयोध्या की भैंस पानी भरे गड्ढे में चली गई। भैंस को पानी से बाहर निकालने की कोशिश में पैर फिसलने से वह गहरे पानी में गिरकर डूबने लगा।
शोर शराबा सुनकर गांव के लोग दौड़े लेकिन कोई भीतर घुसने का साहस नहीं जुटा सका। सूचना पर पहुंची महेशगंज पुलिस ने कई लोगों की मदद से खोजबीन की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। सोमवार को बाहर से आए गोताखोरों की मदद से 20 घंटे बाद अयोध्या का शव मिला। मृतक अयोध्या के तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा रामपाल गुड़गांव में रहता है।
मंझला लाल बहादुर पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर तैनात हैं। तीसरा बेटा लवलेश अभी पढ़ाई कर रहा है। दो बेटियां आशा देवी तथा लल्ली की शादी हो चुकी है। पति की मौत के बाद पत्नी भोथा का रो-रोकर बुरा हाल है। महेशगंज थाने के एसएसआई विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि कोई तहरीर नहीं मिली है।