स्वयं के खर्चे पर कॉलेजों ने आयोजित किए थे कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) कॉलेजों को धनराशि आवंटित करने का आदेश राज्य विश्वविद्यालय ने कर दिया है। मार्च में ही कॉलेजों को धनराशि खाते में उपलब्ध करा दी जाएगी। बता दें कि चार वर्ष से धनराशि आवंटित न होने से कॉलेज परेशान थे। कॉलेजों की मांग पर विश्वविद्यालय ने धनराशि भेजने का निर्देश जारी कर दिया है।
जिले में चार राजकीय, सात अनुदानित सहित कुल 159 कॉलेज संचालित हो रहे हैं। जिले के 60 कालेजों में एनएसएस इकाई संचालित हो रही है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को मिलने वाला प्रमाण पत्र न सिर्फ उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए सहायक है, बल्कि नियुक्तियों में भी एनएसएस करने वाले छात्र-छात्राओं को वरीयता दी जाती है।
वित्तीय वर्ष 2018-19 की धनराशि अब तक कॉलेजों को नहीं मिल पाई है। कॉलेजों ने अपने खर्चे पर सामान्य शिविर और विशेष शिविर सहित समय-समय पर विश्वविद्यालय की ओर से जारी निर्देश के आधार पर कार्यक्रम भी किए। हालांकि लगातार चार वर्षों से विश्वविद्यालय की ओर से शासन को धनराशि अवमुक्त करने के लिए पत्र लिखा जा रहा था। इसका संज्ञान लेते हुए शासन ने वित्तीय वर्ष 2018-19 की धनराशि विश्वविद्यालय को उपलब्ध करा दी है।
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खाता होने पर ही मिलेगी धनराशि
राज्य विश्वविद्यालय ने निर्देश दिया है कि उन्हीं कॉलेजों को धनराशि आवंटित की जाएगी, जिन कॉलेजों का शून्य बैैलेंस का खाता एसबीआई में खुला होगा। खाता न होने पर कॉलेजों को धनराशि नहीं दी जाएगी।
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कितनी मिलती है धनराशि
एनएसएस के सामान्य शिविर के लिए प्रति वर्ष 21, 500 रुपये दिए जाते हैं, जबकि विशेष शिविर के लिए 22,500 रुपये दिए जाते हैं। वहीं कार्यक्रम अधिकारी प्रतिमाह 400 रुपये और क्लर्क को 150 रुपये प्रदान किए जाते हैं। इसके लिए सेवक को सौ रुपये मिलते हैं।
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शासन ने विश्वविद्यालय को वित्तीय वर्ष 2018-19 की धनराशि उपलब्ध करा दी है। जल्द ही कॉलेजों के खाते में धनराशि अवमुक्त कर दी जाएगी।
- डॉ.भाष्कर शुक्ला, एनएसएस समन्वयक,राज्य विवि।