राजेंद्र सिंह रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय से संबंद्ध महाविद्यालयों में खेल के नाम छात्रों से फीस तो वसूल ली लेकिन प्रशिक्षण समेत खेल गतिविधियां नहीं शुरू की गईं। अधिकांश महाविद्यालयों में तो न खेल शिक्षक है न ही मैदान हैं। ऐसे में राज्य विवि की ओर से आयोजित होने वाली अनेक खेल प्रतियोगिताओं में छात्र प्रतिभाग करने से वंचित रह जा रहे हैं। उन्हें खेल से जुड़ी सामग्रियां भी नहीं दी जा रहीं हैं।
एडमिशन के दौरान अभिभावकों और छात्रों को आकर्षित करने के लिए खेल जुड़ी तमाम जानकारी महाविद्यालयों की ओर से दी जाती रही है। लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। जनपद के 169 महाविद्यालयों में राजकीय और अनुदानित महाविद्यालयों में ही खेल की गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। ज्यादातर कॉलेजों में न तो कोच का पता है न ही मैदान का।
हर साल राज्य विवि की ओर से महाविद्यालय स्तर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। जिसमें प्रयागराज, प्रतापगढ़ और कौशाम्बी और फतेहपुर के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। लेकिन प्रशिक्षण और खेल सामग्री उपलब्ध न होने के कारण अधिकांश छात्र इन खेलों में प्रतिभाग नहीं कर पाते हैं।
जिन महाविद्यालयों में खेल का प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा है। उनकी जांच कर खेल प्रशिक्षण शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। जिससे विद्यार्थी खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर अपना कॅरिअर बना सकें।
डॉ. भाष्कर शुक्ला, खेल समन्वयक, राज्य विवि।