मां बेल्हा देवी धाम जंक्शन पहुंचकर बुधवार को लखनऊ मंडल के चीफ इंजीनियर एके सिंह ने टीम के साथ निरीक्षण किया। प्लेटफाॅर्म एक पर स्वचलित सीढ़ी के निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से मास्टर प्लान मांगा तो उन्हें नक्शा थमा दिखा दिया। चीफ इंजीनियर ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए मास्टर प्लान उपलब्ध कराने की बात कही।
इसके बाद उन्हाेंने स्टेशन परिसर में बन रहे कोच रेस्टोरेंट का भी मुआयना किया। पार्किंग एवं अन्य यात्री सुविधाओं का जायजा लिया। आगामी महाकुंभ से पहले स्वचालित सीढियों के साथ नए पाथवे तैयार करने का निर्देश दिए। कहा, कि महाकुंभ के पहले जंक्शन का विस्तार किया जाए, जो दिक्कतें हो उसे दूर किया जाए। दिन-रात के समय निर्माण कार्य कराया जाए।
दो माह शेष, महाकुंभ तक जंक्शन का सौंदर्यीकरण बना चुनौती
प्रतापगढ़। प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ के पहले जंक्शन का सौंदर्यीकरण अब रेल प्रशासन के सामने चुनाैती बन गया है। अमृत भारत योजना के तहत मां बेल्हादेवी जंक्शन के विस्तार के जगह कार्यदायी संस्था गति ने गड्ढा खोदकर निर्माण कार्य रोक दिया है। निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण महाकुंभ मेले के समय दर्शनार्थियों को परेशान होना पड़ेगा।
मां बेल्हा देवी जंक्शन को एयर पोर्ट की तर्ज पर 32.6 करोड़ की लागत से विकसित किया जाना था। इसके लिए 10 दिसंबर 2023 को रेल राज्यमंत्री राव साहेब पाटिल दानवे ने उद्घाटन किया। एक साल बीत जाने के बाद जंक्शन का कायाकल्प नहीं हो सका। अभी तक 30 प्रतिशत निर्माण कार्य ही को सका है। इसके साथ ही भुपियामऊ स्टेशन के पास अंडर पास निर्माण के लिए छह माह पहले कार्यदायी संस्था गड्ढा खोदकर छोड़ दिया है। प्लेटफार्म पर यात्री सुविधाएं नदारद हैं।
काम चल रहा है। जरूरी कार्यों को महाकुंभ से पहले पूरा कर लिया जाएगा। बाकी बचे कार्य 2025 तक किए जाएंगे।
एसके जायसवाल, पीआरओ