बुधवार को इसरो में रहते हुए पूरे घटनाक्रम को देखने वाले रवि ने बताया कि चंद्रयान -3 की सफलता से इसरो के वैज्ञानिकों के खुशी का ठिकाना नहीं है। लैंडिंग ने यह साबित कर दिया है कि वैज्ञानिकों ने जिस नई तकनीक से चंद्रयान -3 के लैंडर की तैयारी की थी, वह पूरी तरह सफल रहा। उन्होंने बताया कि चंद्रमा पर लैंडर स्थापित होने का जो दृश्य ऑनलाइन प्रसारित किया गया, उसमे घटनाक्रम और प्रसारण में तीन- चार मिनट का अंतर रहा।
चंद्रमा से तीस किमी की दूरी पर स्थित अर्बिट 5.47 बजे चंद्रमा पर राउंड लगाना प्रारंभ कर दिया। लैंडर के ऊपर लगा कैमरा पल-पल के नजारों को कैद करता रहा। लैंडर को तीस किमी की दूरी तय करने में 17 मिनट लगे। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण था। चंद्रयान-3 के लैंडिंग को रवि केसरवानी के परिवार और आसपास के लोग देखने के लिए बेहद उत्साहित रहे। रवि के पिता ओम प्रकाश समेत अन्य लोगों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।