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Pratapgarh News: सांसद की 50 बीघे कृषि योग्य जमीन को 5 दिन में अयोग्य करने के आदेश को चुनौती

Tue, 04 Jul 2023 08:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
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संवाद न्यूज एजेंसी
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लालगंज (प्रतापगढ़)। सांसद संगमलाल गुप्ता व उनके भाई दिनेश गुप्ता समेत तीन लोगों के द्वारा गांव बलीपुर परसन में पचास बीघे से अधिक जमीन को कृषि योग्य से कृषि अयोग्य कराए जाने के आदेश को एसडीएम की कोर्ट में चुनौती दी गई है। संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष और पूर्व उपाध्यक्ष की ओर से दाखिल वाद दायरा के माध्यम से जिले के भाजपा सांसद पर कई गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। एसडीएम ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी करते हुए पत्रावली का निरीक्षण करने के पश्चात फैसला लेने की बात कही है। हालांकि सांसद संगम लाल ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी व पूर्व उपाध्यक्ष विपिन शुक्ल ने मंगलवार को एसडीएम कोर्ट में वाद दायरा का प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि लालगंज तहसील क्षेत्र के बलीपुर पसरन गांव के समीप नगर कोतवाली के कटरा मेंदनीगंज निवासी भाजपा सांसद संगमलाल गुप्ता, उनके भाई दिनेश गुप्ता व शांती देवी पत्नी रामकुमार के नाम कुल मिलाकर लगभग पचास बीघे से अधिक जमीन दर्ज है। संगमलाल गुप्ता समेत जमीन के तीनों मालिकों ने 14 जनवरी 2022 को लालगंज की एसडीएम कोर्ट में मुकदमा दायर कर कृषि अयोग्य व व्यावसायिक कराने की मांग की थी। पांच दिन के बाद ही तत्कालीन एसडीएम ने मुकदमे का निस्तारण कर हुए 19 जनवरी को जमीन को 80(2) के तहत कृषि अयोग्य व व्यावसायिक घोषित कर दिया। संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता टीपी यादव व शैलेंद्र सिंह ने इस फैसले पर आपत्ति दाखिल करते हुए निरस्त करने की मांग की। अधिवक्ताओं की ओर से दाखिल वाद दायरा पर एसडीएम उदयभान सिंह ने छह जुलाई को नोटिस जारी कर दोनों पक्षों को सुनने की बात की है। सांसद संगमलाल गुप्ता व उनके भाई समेत तीन के खिलाफ वाद दायरा किए जाने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है।
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इनसेट-
वाद दायरा में सांसद पर लगाए गए गंभीर आरोप
संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष व पूर्व अध्यक्ष की ओर से दाखिल किए गए वाद दायरा में सांसद संगमलाल गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि दबाव में तत्कालीन एसडीएम ने पांच दिनों के भीतर ही मुकदमे में फैसला सांसद के पक्ष में दे दिया। हालांकि एसडीएम ने तहसीलदार की जांच आख्या के आधार पर फैसला दिया है। वाद दायरा में अधिवक्ताओं की ओर से आरोप है कि कृषि अयोग्य कराई गई जमीन पर आज भी खेती की जा रही है। अधिवक्ताओं ने यहां तक कहा कि उक्त जमीन में पांच गाटे तालाबी आराजी होने के चलते इसे कृषि अयोग्य नहीं किया जा सकता। वाद दायरा के माध्यम से सांसद पर यह भी आरोप है कि उक्त जमीन को कृषि अयोग्य कराने के पीछे मकसद यह है कि अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर यहां से बाईपास स्वीकृत कराने के बाद सरकार से कई गुना अधिक मुआवजे का लाभ लिया जा सके।
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मैनें जो जमीन ली है, उस पर व्यावसायिक प्लांट लगाने के लिए उसे कृषि अयोग्य कराया है। बाईपास दूसरी दिशा से निकल रहा है। मेरी जमीन की ओर से कोई बाईपास नहीं निकल रहा है। मैंने नियम कायदों का पालन करते हुए ही काम कराया है। सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
संगमलाल गुप्ता, सांसद, प्रतापगढ़
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