लखनऊ से प्रयागघाट जाने वाली पीआरएल पैसेंजर के इंजन में सोमवार को आग लग गई। ट्रेन एक घंटे तक खड़ी रही। जिससे इस रूट पर गाड़ियों का आवागमन ठप रहा। दूसरा रिलीफ इंजन आने के बाद ट्रेन को वहां से रवाना किया गया। रूट ठप होने से कई गाड़ियों का संचालन बाधित रहा। पीआरएल पैसेंजर सुबह करीब साढ़े दस के करीब जगेसरगंज स्टेशन से चिलबिला के लिए छूटी। रास्ते में गेट नंबर 85 पर पहुंचते ही उसके इंजन में आग लग गई। धुआं तेजी से निकलने लगा। यह देखकर चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दिया। यात्री इंजन में धुआं देख ट्रेन से उतर गए। इस बारे में गार्ड, कंट्रोल और एसएस चिलबिला आरपी तिवारी को बताया गया।
एसएस ने इसकी सूचना प्रतापगढ़ एसएम इबरार अहमद को दी। फौरन यहां से रिलीफ इंजन भेजा गया। इस इंजन को लेकर एसएस आरपी तिवारी गेट नंबर 85 बी पर पहुंचे। खराब इंजन की जगह रिलीफ इंजन जोड़कर गाड़ी को चिलबिला लाया गया। इस काम में एक घंटे का समय लग गया। गाड़ी के मेन लाइन में खड़ी हो जाने से लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल मार्ग एक घंटे तक ठप रहा। जिसके कारण पंजाब मेल, इंटरसिटी, जनता एक्सप्रेस और मालगाड़ी समेत इस रूट की अन्य गाड़ियों का संचालन प्रभावित रहा। ट्रेनों को रास्ते में जगह-जगह रोका गया। एसएस आरपी तिवारी ने बताया कि पीआरएल पैसेंजर के इंजन में धुआं निकल रहा था। चालक ने इसकी सूचना दी। दूसरे इंजन की मदद से ट्रेन को लाया गया।