भाजपा सावरकर और आर्य समाज का प्रतिनिधित्व करने वाली सरकार है। यह पूर्ण रूप से सनातनी नहीं है। यही कारण है कि आज भी सनातनियों को संसद और देश की किसी भी विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिल सका है। यह बातें अमेठी से चलकर शहर के शिवजीपुरम स्थित रामानुज आश्रम पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहीं।
कहा, पिछली सरकार की अपेक्षा भाजपा सरकार में सनातनियों को कुछ महत्व दिया जा रहा है, लेकिन आज भी एंग्लो इंडियन को संसद में मनोनीत किया जाता है। राममंदिर निर्माण कार्य सनातनियों के प्रयास का फल है। मैंने भी निर्माण कार्य से जुड़े मुकदमे में गवाही दी थी। 21 फरवरी 2023 को शंकराचार्य जी महाराज प्रयागराज से अयोध्या को निकले थे।
प्रतापगढ़ में ओमप्रकाश पांडेय के आवास पर विश्राम करने का निर्णय लिया था। मगर, स्वास्थ्य ठीक न होने और पुलवामा की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुरोध पर उनका अयोध्या जाने का कार्यक्रम निरस्त हो गया था। उनके वचनों को पूरा करने के लिए शिष्य के रूप में ओमप्रकाश पांडेय के आवास पर आने का निर्णय लिया।
स्वामी करपात्री जी महाराज को भारत रत्न दिए जाने का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा, उन्हें पहले ही धर्म सम्राट की पदवी प्राप्त है। धर्म सम्राट की पदवी से भारत रत्न पुरस्कार बहुत छोटा है। धर्म का उपयोग पद, प्रसिद्धि, उन्नति और राजनीति के लिए नहीं करना चाहिए। आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए विवाद से दूर रहना होगा। परिस्थिति बदल गई है, बल का प्रयोग करके कब्जा नहीं किया जा सकता है।
कार्यक्रम में ओमप्रकाश पांडेय अनिरुद्ध रामानुज दास एवं नारायणी रामानुज दासी ने चरण पादुका का पूजन किया। इसके पहले भक्तों ने गाजे-बाजे के साथ पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।