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Pratapgarh News: हेलीकॉप्टर से प्रचार में भाजपा सबसे आगे, सपा-बसपा पीछे

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लोकसभा चुनाव में सियासी स्टार प्रचारकों के उड़नखटोले खूब उतरे। हेलीकॉप्टर से प्रचार करने में भाजपा सबसे आगे रही। जबकि सपा व बसपा नेता पीछे रहे। लोकसभा चुनाव के दौरान कुल 14 हेलीकॉप्टर जिले की सरजमीं पर उतरे। जिसमे से दो नेताओं का हेलीपैड खर्च अभी तक जमा नहीं हो सका।
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कौशाम्बी व प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर हुए चुनाव के दौरान अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने के लिए जिले में दूर-दूर से स्टार प्रचारक पहुंचे। इनमें से कई ऐसे रहे जिन्होंने सभा स्थल तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर का सहारा लिया। जिले में विभिन्न राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों का हेलीकॉप्टर से पहुंचने का सिलसिला प्रत्याशियों के नामांकन के साथ प्रारंभ हुआ। जो 23 मई तक चलता रहा। एक ही दिन दो -तीन हेलीकॉप्टर उतरे। इस अवधि में स्टार प्रचारक अपने प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए जिले में अलग-अलग स्थानों पर 14 हेलीकॉप्टर उतरे। इनमें से रिजर्व पुलिस लाइन में प्रधानमंत्री व उनके साथ चलने वाले तीन हेलीकॉप्टर उतरे। जबकि शेष जिले के सभा स्थल के पास बनाए गए हेलीपैड पर उतारे गए।
हेलीकॉप्टर से स्टार प्रचारकों को लाने के मामले में भारतीय जनता पार्टी सबसे आगे रही। उसके 10 स्टार प्रचारक प्रचारक ऐसे रहे। जिन्हें जिले में लाने के लिए पार्टी की ओर से हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक हेलीकॉप्टर से पहुंचे। जबकि इस मामले में विपक्षी दल उससे काफी पीछे रहे। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के प्रचार के लिए सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव हेलीकॉप्टर से पहुंचे। बसपा प्रमुख मायावती भी अपने प्रत्याशी के समर्थन में उड़नखटोला लेकर विश्वनाथगंज पहुंचीं।
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हेलीकॉप्टर के हेलीपैड पर उतरने के दौरान वहां सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के अलावा फायरब्रिगेड की टीम भी मौजूद रहती है। यही वजह है कि स्टार प्रचारकों को हेलीकॉप्टर से लाने के लिए पहले संबंधित राजनीति दल को अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेनी पड़ती है, जिसके लिए उन्हें निर्धारित रकम भी अदा करनी पड़ती है। अग्निशमन विभाग अफसरों ने बताया कि इस बार यह रकम दूरी के हिसाब से 20 हजार से लेकर 27 हजार तक निर्धारित की गई थी। अग्निशमन विभाग के अनुसार भाजपा की ओर से आयोजित जनसभा में आए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर का खर्च जमा नहीं हो सका। जबकि गृहमंत्री समेत अन्य नेताओं के हेलीकॉप्टर के लिए हेलीपैड पर होने वाली व्यवस्था का शुल्क जमा कर दिया गया।
दूरी के हिसाब से तय होती है धनराशि
अग्निशमन विभाग के साथ ही पुलिस विभाग की टीम हेलीपैड पर सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से मौजूद रहती है। हेलीकॉप्टर उतरने व हेलीपैड की मुख्यालय से दूरी के हिसाब से शुल्क जमा कराया जाता है। जिसमे छह फायर कर्मियों का एक दिन का वेतन, स्मोक कैंडल, टैंकर, वाहन आने जाने का ईंधन व रखरखाव जोड़ा जाता है। लगभग 20 से 27 हजार रुपये फायरब्रिगेड का चुकता करना होता है। तभी विभाग की ओर से एनओसी जारी होती है और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ फायरब्रिगेड के वाहन व कर्मचारी मौजूद रहते हैं।
हेलीकॉप्टर सुरक्षा के लिए जो नियम हैं उसके तहत हेलीपैड पर सुरक्षा के लिए फाेर्स व अन्य व्यवस्थाएं की जाती हैं। हेलीकॉप्टर उतरने पर जो शुल्क मिलता है उसे विभागीय कोष में जमा कराया गया है। भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने आए कुछ हेलीकॉप्टर का खर्च नहीं मिला। जिसकी सूचना मुख्यालय भेजी गई है।
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- राजू उपाध्याय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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