भरत मिलाप मेले में रामलीला समिति द्वारा निकली राम दल की झांकी। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
ऐतिहासिक भरत मिलाप के मौके पर शुक्रवार की शाम पूरा शहर जश्र में डूब गया। शाम होते ही पूरा शहर सतरंगी रोशनी से नहा उठा। जय श्रीराम के जयकारों व भक्तिमय गीतों के बीच रामदरबार की झांकी से ऐतिहासिक भरत मिलाप का आगाज हुआ। ऐसा लगा मानो बेल्हा में अवध नगरी उतर आई हो। रात ग्यारह बजे के बाद आकर्षक झांकियों एवं कलात्मक चौकियों का सिलसिला शुरू हो गया। पूरा शहर भगवान श्रीराम की भक्ति में डूबा रहा।
डिजिटल लाइटिंग व आकर्षक सजावट के लिए सुबह 8 बजे से ही टेक्नीशियन की टीम जुटी रही। इसके लिए शहर के प्रमुख स्थानों को चुना गया था। चौक-बजाजा रोड, श्रीराम चौराहा, घंटाघर, ठठेरी बाजार, हनुमान मंदिर पर शानदार लाइटिंग की गई थी। शाम छह बजे के बाद डिजिटल लाइटिंग से निकली सतरंगी रोशनी से पूरा शहर जगमग हो उठा। रात नौ बजे के बाद जयश्रीराम के जयकारों के बीच राम दरबार की झांकी निकली तो पूरा शहर राम की भक्ति में डूब गया। झांकी सदर बाजार होते हुए चिलबिला पहुंची।
चिलबिला से चौक के लिए वापसी की। घंटाघर चौक का नजारा देखते ही बन रहा था। झांकी यहां से होते हुए सीधे बेल्हादेवी धाम पहुंची और रामदल में जाकर मिल गई। सड़क पर हर तरफ भीड़ ही भीड़ नजर आ रही थी। हर कोई रामदरबार की झांकी को देखने को आतुर था। सड़कों के किनारे स्थित घरों के लोगों ने छत से आकर्षक नजारे का आनंद लिया। 11 बजे के बाद रामदल, भरतदल हनुमान दल, व लवकुश दल के साथ मंडलों द्वारा कलात्मक चौकियां एवं आकर्षक झांकियां निकलती रहीं। पूरा शहर भगवान राम की भक्ति में डूबा रहा।
वैसे तो भरत मिलाप की तैयारी कई दिनों से हो रही थी, मगर शुक्रवार को कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने को लेकर श्रीरामलीला समिति के पदाधिकारी जोरशोर से जुटे रहे। संरक्षक समाजसेवी रोशनलाल ऊमरवैश्य, अध्यक्ष संजय खंडेलवाल, संयोजक दिनेश सिंह दिन्नू व मंत्री विपिन गुप्ता की देखरेख में कार्यकर्ता तैयारी को अंतिम रूप देते नजर आए। जगह-जगह बांस व बल्लियों के सहारे झालर लगाए गए।