जिला उद्योग और व्यापार बंधु की बैठक में उद्यमी मो. अनाम ने जिलाधिकारी से महिला उद्यमी के रुपये भुगतान नहीं करने की शिकायत की। शिकायत सुन नाराज हुए डीएम ने जिला ग्रामोद्योग अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा। विवेक नगर की रहने वाली महिला उद्यमी सुचिता अग्रवाल ने बैंक प्रबंधक पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया।
ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच टीम ने उद्योग यूनिट का निरीक्षण किया था। उद्योग में 20 युवाओं को रोजगार मिला है। उद्योग यूनिट का संचालन भी गुणवत्तापूर्ण हो रहा है। जिलाधिकारी ने बैंक से रुपये भुगतान न किए जाने की जानकारी मांगी।
इस पर महिला उद्यमी ने बताया कि उनका रजाई रजाई गद्दों कारखाना है। बैंक ऑफ बड़ौदा के तत्कालीन प्रबंधक पंकज जायसवाल ने पांच-पांच लाख रुपये दो किस्तों में दिए। शेष चार लाख की धनराशि खाते में अंतरित नहीं हो सकी। इसी बीच पंकज जायसवाल का स्थानांतरण हो गया। उनके स्थान पर आए बैंक प्रबंधक रवि गुप्ता ने रिश्वत की मांग की। रिश्वत न देने पर फील्ड अफसर अरविंद शुक्ला के साथ उद्योग यूनिट का निरीक्षण किया। उसके बाद बैंक खाते को फ्राॅड श्रेणी डाल दिया। जिससे उद्योग यूनिट के लिए बैंक से रुपये नहीं मिल सके।
जिलाधिकारी ने सीडीओ नवनीत सेहारा को जांच करने का आदेश दिया। एक सप्ताह के अंदर रुपये अंतरित करने के लिए कहा। लापरवाही होने पर बैंक प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का भी आदेश दिया। उद्योग बंधु की बैठक में बैंक प्रबंधक रवि गुप्ता उपस्थित नहीं रहे। व्यापारी रोशनलाल उमरवैश्य ने बताया कि चिलबिला बाजार के सहुवन टोला में वर्षों पुराना जलाशय है। बारिश के दिनों पानी भर जाने से लोगों को परेशानी होती है।
डीएम ने नगर पालिका जलाशयों में एकत्र पानी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने मो. अनाम, वीरेंद्र पांडेय, दिनेश बरनवाल, अनुराग खंडेलवाल और मनीष जायसवाल को ओडीओपी स्थापना पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।