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Pratapgarh News: बलीपुर गांव...जुर्म की सजा भुगतेंगे दोषी, हालात की महिलाएं

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कुंडा के सीओ रहे जिया उल हक की पर हत्या को लेकर आए फैसले के बाद बलीपुर गांव में अन्जान सा खौफ छाया है, सन्नाटा है। फैसलों पर चर्चा-ए-आम है। पर एहतियात इतना कि दीवारें भी न सुन पाएं। अपराध में शामिल लोगों को तो सजा मिल गई। लेकिन घटना से उपजे सामाजिक-आर्थिक हालात का दंश अब उनके घरों की महिलाओं को झेलना पड़ेगा। सात दोषियों के परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है।
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दोषी छोटेलाल पटेल का मकान घासफूस का है। बरसात से बचने के लिए पत्नी छोटकी ने प्लास्टिक तान रखी है। मुन्नालाल पटेल के घर आमदनी का कोई जरिया नहीं है। पति के जेल जाने के बाद से ही पत्नी रजवंता मेहनत मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाती रही। एक बेटी की शादी हो चुकी है। घर में दो बेटियां व एक बेटा छोटा है।
यही हाल दोषी पाए गए घनश्याम सरोज, रामलखन गौतम, राम आसरे गौतम, शिवराम, जगत बहादुर पटेल उर्फ बुल्ले के घर का भी है। महिलाओं के सामने बच्चों को पालने की चुनौती है। शुक्रवार को आए फैसले ने आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार को झकझोर दिया।
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पिता-पुत्र जेल में, बूढ़ी मां बिस्तर पर
सीओ की हत्या में दोषी जगत बहादुर पटेल उर्फ बुल्ले के एक बेटा अजय व चार बेटियां हैं। बेटा अजय भी युवती को अगवा कर हत्या करने के मामले में जेल में निरुद्ध है। बूढ़ी मां रामकली बिस्तर पर हैं। पत्नी अनीता बीमार है। कहती है कि हे रामा केकर कमाई खिआउब, कैसे होई लरिकन कय बिअहवा।
नवंबर में बेटी की शादी, पिता जेल में
राम आसरे गौतम राजगीरी कर परिवार का गुजर बसर करता था। पिता के दोषी ठहराए जाने की खबर पर ससुराल से बेटी रेखा मायके आकर मां सुनीता को सांत्वना देने लगी। छोटी बेटी वंदना की 27 नवंबर को शादी है। बेटा सत्यम गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। तीन बेटी व तीन बेटों में केवल एक बेटी रेखा का ही विवाह ननिहाल के लोगों की बदौलत हो सका है। परिजनों का कहना है कि घटना के समय राम आसरे वह कमाने गया था।
मेरे ही पिता व चाचा की हत्या हुई.. मेरे घर वालों सजा
प्रतापगढ़। सीओ जिया उल हक की हत्या के पहले मारे गए प्रधान नन्हें यादव के दो सगे भाई पवन व फूलचंद को सीबीआई कोर्ट ने दोषी ठहराया है।
हथिगवां के बलीपुर में दो मार्च 2013 की शाम प्रधान नन्हें यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके भाई सुरेश की भी गोली लगने से मौत हो गई थी। प्रधान के घर पीछे के रास्ते से पहुंचे सीओ जिया उल हक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हथिगवां थाने में तिहरे हत्याकांड को लेकर चार मुकदमे दर्ज कराए गए थे। विवेचना के दौरान सीबीआई ने मृतक प्रधान नन्हें यादव के बेटे याेगेंद्र बबलू, भाई पवन, फूलचंद्र और सुधीर समेत 12 लोगों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
शनिवार को प्रधान नन्हें की स्नातक में पढ़ रही बेटी नेहा ने बहुत कुरेदने पर कहा पहले मेरे पिता व चाचा की हत्या हुई। मेरे ही घरवालों को दोषी ठहराया जा रहा। घर की महिलाएं पर्दे के पीछे से नेहा की बातों को सुनतीं रहीं। नेहा ने रुंधे गले से कहा घर में सिर्फ महिलाएं और बच्चे बचे हैं, आगे पूरा जीवन पड़ा है।
फ्लैश बैक : एक महीने तक सीबीआई का कुंडा में रहा डेरा
प्रतापगढ़। बलीपुर में तिहरे हत्याकांड की जांच करने के लिए सीबीआई की टीम एक माह तक कुंडा में डेरा डाले रही। नगर पंचायत कुंडा के कार्यालय को अस्थाई ऑफिस बनाकर राजा भैया समेत सभी आरोपियों से पूछताछ की थी।
बाद में सीबीआई टीम ने मारे गए प्रधान नन्हें यादव के नाबालिग बेटे योगेंद्र उर्फ बबलू , भाई पवन और फूलचंद समेत 12 लोगों को आरोपी बनाते हुए कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। सीओ को गोली मारने के मुख्य आरोपी बबलू की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है। जबकि सुधीर को साक्ष्य के अभाव में बरी किया गया है।
गरमाई थी सियासत
जनपद के हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर में 2 मार्च 2013 को प्रधान नन्हें यादव, उसके भाई सुरेश और कुंडा सीओ जिया उल हक की हत्याकांड ने प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया था। मामला सदन में गूंजा, सियासत गरमाई थी। करीब दो साल तक बलीपुर में पीएसी को कैंप करना पड़ा था। धीरे-धीरे माहौल बदलने लगा। सीओ व प्रधान हत्याकांड के आरोपी जेल से जमानत पर छूटकर घर पहुंचे।

प्रधान नन्हें की हत्या में अभी नहीं आया कोर्ट का फैसला
बलीपुर में मारे गए प्रधान नन्हें यादव की हत्या के मामले में अभी फैसला नहीं आया है। सीओ की हत्या में सीबीआई कोर्ट ने दस आरोपियों को दोषी ठहराया है, लेकिन प्रधान नन्हें की हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए कामता की मौत हो चुकी है। जबकि बेटा अजय पाल, विजय पाल और जिले के टॉप शराब माफिया गुड्डू सिंह उसका भाई संजय प्रताप सिंह को जमानत मिल चुकी है। अभी मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
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