फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pratapgarh News: कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए कमेटी के गठन का इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए अभी तक कमेटी का गठन नहीं हो सका है। जिस कारण बिना पंजीयन के चल रही कोचिंग की जांच नहीं हो पा रही है। विभागीय अधिकारी शिकायत मिलने पर जांच करने की बात कह रहे हैं। डीआईओएस कार्यालय में महज 29 कोचिंग संस्थानों का पंजीयन है। जबकि जिलेभर में सैंकड़ों की संख्या में कोचिंग सेंटर बिना पंजीयन के संचालित हो रहे हैं। जिलेभर में हुई पड़ताल में बिना पंजीयन कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं।
विज्ञापन

शहर में प्रमुख मार्गों पर 70 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। कटरा मेंदनीगंज में चार, प्रतापगढ़ सिटी में पांच, मोहनगंज में सात, गड़वारा में छह कोचिंग संचालित हो रही हैं। वहीं लालगंज तहसील में सिर्फ तीन कोचिंग का पंजीयन है जबकि सगरा सुंदरपुर, लीलापुर अठेहा, रानीगंज कैथोला, बाबूगंज व सांगीपुर में 31 कोचिंग संस्थानों का संचालन हो रहा है। कुंडा कस्बे में 12 कोचिंग संचालित हैं। इसके साथ ही बाबागंज, हीरागंज, संग्रामगढ़, मानिकपुर लालाबाजार, आलापुर परियावां, पूरे धनऊ ,हथिगवां, बिहार, बाघराय में बिना पंजीयन के 70 से अधिक कोचिंग का संचालन किया जा रहा है।

पट्टी तहसील क्षेत्र 15 कोचिंग का संचालन किया जा रहा है। वहीं ढकवा, अमरगढ़, उड़ैयाडीह, बीरापुर व जामताली समेत अन्य जगहों पर 35 कोचिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। रानीगंज तहसील क्षेत्र में 13 कोचिंग सेंटर संचालित हैं। वहीं सोबंसा में सात, फतनपुर में चार, रामापुर में तीन, गीतानगर में चार, पृथ्वीगंज में तीन व दुर्गागंज में पांच कोचिंग सेंटर बिना पंजीयन के संचालित हो रहे हैं।
विज्ञापन


प्रधानाचार्यों व प्रभारी प्रधानाचार्यों की है जिम्मेदारी

जिले के 17 ब्लॉकों में चल रहे कोचिंग सेंटर की जांच की जिम्मेदारी के लिए राजकीय माध्यमिक विद्यालयाें के प्रधानाचार्यों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाता है। प्रत्येक ब्लॉक के लिए एक नोडल अफसर बनाया जाता है। यह नोडल अफसर ब्लॉक में संचालित कोचिंग सेंटर की नियमित जांचकर डीआईओएस को रिपोर्ट सौंपते हैं। लेकिन अभी तक जिम्मेदारी तय नहीं की गई।
जिलेभर में 29 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं। बिना पंजीयन के संचालित हो रही कोचिंग की जांच के लिए कमेटी के गठन की तैयारी की जा रही है। कमेटी का गठन होने पर जल्द ही जांच शुरू होगी।
ओमकार राणा, डीआईओएस प्रतापगढ़।
नियमों को ताक पर रखकर कोचिंग संस्थान चलाना कतई उचित नहीं है। कोचिंग संचालकों को पढ़ने आने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर मानकाें और नियमों का शत-प्रतिशत पालन करना होगा। यह सुनिश्चित कराने के लिए डीआईओएस को जिम्मेदारी दी गई है, शीघ्र ही उनसे इस संबंध में रिपोर्ट तलब की जाएगी।
विज्ञापन

- संजीव रंजन, जिलाधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें