पिटाई से घायल किशोर की मंगलवार को प्रयागराज में उपचार के दौरान मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने किशोर का शव हमलावरों के घर के पास दफनाने और जाम लगाने का प्रयास किया, जिससे उनकी पुलिस से झड़प हुई। सीओ पट्टी ने किसी तरह परिजनों को समझाबुझा कर शांत कराया। जिसके बाद लोगों ने घर से दूर शव का अंतिम संस्कार किया।
कंधई थाना क्षेत्र के वारीकला गांव में 26 मार्च को कालू और दयाराम के बीच महुवा बीनने को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर पड़ोसी दयाराम ने अपने परिजनों के साथ लाठी-डंडों से कालू और उसके इकलौते बेटे कमल उर्फ बजरंगी (15) को जमकर पीटा, जिससे दोनों मरणासन्न हो गए।
पिता-पुत्र को उपचार के लिए प्रयागराज एसआरएन ले जाया गया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी दयाराम, मंगू, रीता और सविता को हिरासत में ले लिया। मंगलवार को इलाज के दौरान कमल की मौत हो गई। मौत की सूचना पर परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। देर रात शव घर पहुंचने पर कोहराम मच गया।
बुधवार की सुबह परिजन और ग्रामीण कमल के शव को हमलावरों के घर के पास दफनाने का प्रयास करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रोक दिया। जिसे लेकर आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों के बीच पुलिस से तीखी बहस हो गई।
इस दौरान लोग सड़क जाम करने के लिए निकलने लगे। तभी सीओ पट्टी दिलीप सिंह मौके पर पहुंचे। करीब आधे घंटे तक समझाने के बाद परिजन घर से दूर अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। उधर किशोर की मौत होते ही पुलिस ने चारों आरोपियों को मंगलवार को ही जेल भेज दिया। सीओ पट्टी ने बताया कि इकलौते बेटे की मौत से लोगों में आक्रोश था।