घर के बाहर सो रहे व्यक्ति पर बदमाशों के गिरोह ने जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। शोर सुन पहुंची भतीजी के हाथ पर भी बदमाशों ने धारदार हथियार से प्रहार किया। दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने कई राउंड हवाई फायरिंग की। लोगों को आते देख हमलावर जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले।
नगर पंचायत कोहड़ौर के बोझवा लाखीपुर निवासी मोहनलाल यादव (56) शनिवार की रात घर के बाहर सो रहे थे। रात करीब 12 बजे बदमाशों ने उनके घर पर धावा बोलकर मोहनलाल पर हमला कर दिया। चीख पुकार सुन परिवार के लोग दौड़ पड़े। आगे आती भतीजी रिंकी को देख बदमाशों ने उसके हाथ पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। परिवार के लोगों को देख हमलावरों ने दहशत फैलाने के लिए असलहे से कई राउंड हवाई फायरिंग भी की। घटनास्थल पर असलहा लहराते हुए हमलावर धमकी देकर भाग निकले।
सूचना पर पहुंची पुलिस घायलों को सीएचसी कोहड़ौर ले गई। हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। चर्चा है कि हमलावर गड़े हुए धन की जानकारी करने मोहनलाल के पास पहुंचे थे। जानकारी न मिलने पर हमलावरों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी दुर्गेश सिंह ने बताया कि घायल मोहनलाल के बेटे अनिल कुमार की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
बेटे ने की हमलावर सूरज की पहचान
घायल मोहनलाल के बेटे अनिल उर्फ रमेश ने हमलावरों में से एक की पहचान पड़ोस गांव के सूरज गिरि की है। अनिल ने सूरज समेत छह अज्ञात के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। आरोप है कि सूरज अपने साथियों के साथ डकैती की नियत से घर पर धावा बोला था। घर की चाबी मांगने पर पिता ने शोर मचाया। नाराज हुए बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। जान से मारने के लिए फायरिंग भी की गई। पिता को बचाने दौड़ी रिंकी के हाथ पर भी धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया।
गड़े धन को लेकर घटना होने की रही चर्चा
इलाके में गड़े धन की बाबत पूछताछ के लिए मोहनलाल पर तीन माह पहले रात में तीन अज्ञात लोगों ने घर पर धावा बोला था। मुंह दबाकर जानकारी करने का प्रयास किया लेकिन असफल होने पर अंजाम भुगतने की धमकी देकर चले गए थे। घटना के बाद मोहन के बेटे अनिल ने घर पर सीसीटीवी कैमरा लगवा लिया था।
हलका सिपाहियों की भूमिका है संदिग्ध
पूर्व में हुई घटना के बाद सीसीटीवी लगवाने पर पुलिस ने बिना आदेश के कैमरा लगाने पर नाराजगी जताई थी। चर्चा है कि कुछ दिन पहले सिपाहियों ने जेसीबी चालक पर गड़े धन को बाहर निकालने के लिए दबाव बनाया था।