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Pratapgarh News: सेना ने खाली कराया रामलीला मैदान, फूंक दीं गुमटियां

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रामलीला मैदान में सेना द्वारा अतिक्रमण हटाये जाने के दौरान जलायी गई दुकान। संवाद - फोटो : PRATAPGARH
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शहर के अजीत नगर पड़ाव वार्ड में स्थित रामलीला मैदान में मंगलवार को सेना ने अतिक्रमण मुक्त कराकर खाली करा लिया। करीब चार घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान सेना के 40 जवानों ने अवैध तरीके से रखी गईं कुछ गुमटियों व टिनशेड को आग के हवाले कर दिया।
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कब्जा कर बनाई गईं अवैध झोपड़ियां तोड़ डालीं। मौके से वीडियो बना रहे लोगों को खदेड़ दिया गया। अतिक्रमण करने वालों को निर्माण न करने की चेतावनी भी दी गई। मौके पर कुछ लोग सामान समेटते रहे तो कुछ को मौका ही नहीं मिला।
प्रयागराज-अयोध्या हाईवे किनारे स्थित सेना की जमीन पर रामलीला मैदान है। कई बार सेना के जवान जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाकर लोगों को चेतावनी दे चुके हैं। इसके बाद इस जमीन पर बड़ी संख्या में लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। सेना की जमीन पर झुग्गी-झोपड़ियों बनाने के साथ ही अवैध तरीके से गुमटियां रखकर लोग कारोबार भी कर रहे थे।
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मंगलवार की सुबह करीब दस बजे पांच ट्रक और एक जीप से सेना के अफसर व 40 जवान रामलीला मैदान पहुंचे। मैदान में गैराज, चाय, पान, मांस सहित कई अन्य दुकानें चलाने वाले लोग सेना के जवानों को देखते ही भागने लगे। कुछ ही देर में सेना के जवान वहां मौजूद लोगों को भगाकर दुकानें ढहाने लगे। पंद्रह से अधिक गुमटियों के साथ टीनशेड और पॉलीथिन की दुकानें ढहा दीं। कुछ गुमटियों और टीन शेड को जला दिए।
हाईवे से गुजरने वाले राहगीर रुककर कार्रवाई देखने लगे। कुछ वीडियो बनाने लगे तो जवानों ने सभी को खदेड़कर भगा दिया। अवैध कब्जा कर बनाई गईं झोपड़ियां तोड़ डालीं। पूर्वी छोर पर बसे बंजारों को पक्का निर्माण न करने की हिदायत दी। कार्रवाई के दौरान बच्चे, महिलाएं अपना सामान लेकर मैदान के सीमा से बाहर बेबस बैठे नजर आए।
करीब दो बजे तक चली कार्रवाई के बाद सेना के अफसर और प्रयागराज रवाना हो गए। कार्रवाई के दौरान सेना के अफसर सिर्फ हड़काते और धमकाते रहे, लेकिन कुछ बोले नहीं। एक जवान ने सिर्फ इतना कहा, सेना की जमीन है, कब्जा मुक्त कराई जा रही है।
सिपाहियों को जाने के लिए बोला
रामलीला मैदान पर अतिक्रमण के दौरान होने वाली कार्रवाई की जानकारी पर मकंद्रूगंज पुलिस चौकी के दो सिपाही भी वहां पहुंचे। सेना के जवानों ने उनसे आने की वजह पूछी फिर उन्हें जाने के लिए कह दिया। इसके बाद सिपाही वहां से चले गए। सेना की कार्रवाई की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को भी नहीं थी। जिला प्रशासन ने भी कार्रवाई की जानकारी से अनभिज्ञता जताई है।
ढाबा संचालकों को दी चेतावनी
सेना की जमीन पर पक्का निर्माण कर ढाबा संचालन करने वालों को दस दिन के भीतर सब कुछ हटा लेने का निर्देश दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि वे कब्जा नहीं हटाते तो बुलडोजर लगाकर निर्माण ध्वस्त करा देंगे।
शाम को फिर तान दिया डेरा
रामलीला मैदान में झुग्गी झोपड़ी डालकर रहने वाले लोगों ने सेना के जवानों के जाने के बाद फिर से डेरा तान दिया। हालांकि गृहस्थी का सामान दूसरी जगह रखा था। सेना की कार्रवाई से सभी सहमे रहे।
कार्रवाई के पहले सेना ने कोई जानकारी नहीं दी थी। हालांकि बाद में प्रकरण संज्ञान में आया है। गुमटियों में आग लगाने का मामला संवेदनशील है। इसकी वह अपने स्तर से जांच करेंगे। शैलेंद्र वर्मा, एसडीएम सदर

रामलीला मैदान में सेना द्वारा तोड़ी गई दुकानें। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

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