रामलीला मैदान में सेना द्वारा तोड़कर जलाया गया कब्जा कर बनायी गई झोपड़ी। संवाद
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शहर के अजीत नगर पड़ाव वार्ड में स्थित रामलीला मैदान में शुक्रवार को सेना ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई। तीन घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान सेना के जवानों ने अवैध तरीके से रखी गईं पंद्रह से अधिक गुमटियों को आग के हवाले कर दिया। अतिक्रमण कर बनाई गईं झोपड़ियां तोड़ डालीं।
प्रयागराज-अयोध्या हाईवे किनारे स्थित रामलीला मैदान की जमीन सेना की है। इस जमीन पर बड़ी संख्या में लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। झुग्गी-झोपड़ियों बनाने के साथ ही अवैध तरीके से गुमटियां रखकर लोग दुकान चला रहे थे। शुक्रवार की सुबह करीब दस बजे दो ट्रक और एक जीप से सेना के करीब 25 जवान रामलीला मैदान पहुंचे।
मैदान में गैराज, चाय, पान, मांस सहित कई अन्य दुकानें चलाने वाले लोग सेना के जवानों को देखते ही भागने लगे। कुछ ही देर में सेना के जवान वहां मौजूद लोगों को भगाकर दुकानें ढहाने लगे। पंद्रह से अधिक गुमटियों के साथ टीनशेड और पॉलीथिन की दुकानें ढहा दीं। गुमटियों और दुकानों को जला दिया।
हाईवे से गुजरने वाले राहगीर रुककर देखने लगे तो जवानों ने सभी को हटा दिया। मोबाइल से वीडियो बना रहे लोगों को पकड़कर बैठा लिया। अवैध कब्जा कर बनाई गईं झोपड़ियां तोड़ डालीं। मैदान में कुछ लोगों ने बेचने के लिए भारी मात्रा में बांस जमा कर रखा था। जवान बांस ट्रक में लादकर ले गए।
सेना की कार्रवाई के दौरान रामलीला मैदान में भदगड़ मची रही। लोग अपने सामान लेकर भागते रहे। काफी देर तक सेना के जवान मैदान में टहलते रहे। जवानों ने दोबारा अतिक्रमण करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
जिनकी झोपड़ी में लगा था तिरंगा, उन्हें दी चेतावनी
सेना की जमीन पर अतिक्रमण करने वाले कुछ लोगों ने अपनी झोपड़ियों में तिरंगा लगा रखा था। जवानों को देखते ही झोपड़ी में रहने वाले लोग भाग निकले। जवानों ने बाद में उन्हें बुलाया और झोपड़ी हटाने के लिए कहा। तिरंगा लगा होने के कारण उन झोपड़ियों में तोड़फोड़ नहीं की।