विद्युत निगम के लिए बिजली चोरी सिर दर्द बनी हुई है। तमाम प्रयासों के बाद भी इस पर लगाम नहीं लग पा रही है। इसी के मद्देनजर विभाग अब नए कनेक्शनधारकों को लिए आर्मर्ड केबल से कनेक्शन देने की तैयारी में है। जिससे बीच से तार काटकर चोरी न की जा सके।
बिजली विभाग ने बिजली चोरी रोकने के लिए आर्मर्ड केबल से कनेक्शन देने का आदेश जारी किया है। एसडीओ सदर अजीत यादव ने बताया कि बिजली चोरी के अधिकतर मामले मीटर बाईपास के होते हैं। उपभोक्ता खंभे से आने वाली केबल में कट लगाकर बिजली चोरी कर लेते हैं। विभाग का मानना है कि आर्मर्ड केबल कई परतों में होती है और उसे काटकर चोरी के लिए तार जोड़ना मुश्किल होता है। अब घरेलू, वाणिज्यिक, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल व अन्य संस्थाओं को नए कनेक्शन के लिए सर्विस केबल के रूप में आर्मर्ड केबल ही लगवानी होगी। नए कनेक्शन लेने वालों के यह अनिवार्य कर दिया है।
साधारण केबल और आर्मर्ड केबल में अंतर
साधारण केबल को आसानी से काटकर उसमें जोड़ लगाया जा सकता है। कुछ समय बाद साधारण केबल के ऊपर लगी प्लास्टिक स्वत: खराब होने लगती है। जबकि आर्मर्ड केबल को आसानी से नहीं काटा जा सकता। आर्मर्ड केबल में सबसे पहले मोटी प्लास्टिक, उसके बाद लोहे की पत्ती, एल्युमिनियम, गैल्वेनाइज्ड स्टील, तांबा व कांसा के तारों से बना कवच और उसके ऊपर प्लास्टिक या रबर की मोटी पर्त चढ़ी होती है।
बिजली चोरी रोकने के लिए मुख्यालय से आदेश आया है। नए कनेक्शनधारकों के लिए आर्मर्ड केबल अनिवार्य कर दी गई है। इसके साथ ही बिजली चोरी पकड़े जाने और पुरानी केबल बदलवाने पर भी आर्मर्ड केबल ही लगाई जाएगी।
इं. सत्यपाल, अधीक्षण अभियंता।