ambulance personnel on strike to increas honorarium
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मानदेय बढ़ाए जाने और समय से भुगतान किए जाने की मांग को लेकर 102 एंबुलेंस चालक सोमवार को हड़ताल पर चले गए। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को संबोधित ज्ञापन प्रोग्राम मैनेजर को सौंपा। इससे प्रसव पीड़िताओं के साथ प्रसूताओं को परेशान होना पड़ रहा है।
जिले में संचालित हो रही 108 और 102 के साथ एलएस एंबुलेंस चालक व ईएमटी का कहना है कि न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के अंतर्गत 7085.00 रुपये शासन द्वारा निर्धारित हैं, जबकि उन्हें महज 6500 रुपये मूल वेतन तो 3542.50 रुपये परिवर्तनीय महंगाई भत्ता ही दिया जा रहा है। कोरोना काल में वह अपनी जान हथेली पर रखकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इससे नाराज चालक और ईएमटी सोमवार को हड़ताल पर चले गए।
एलएस एंबुलेंस के चालक महज इमरजेंसी सेवा दे रहे थे। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ा। कर्मचारियों की मांग है कि शासन की ओर से तय वेतन भुगतान की निर्धारित तिथि पर मानदेय का भुगतान किया जाए। मानदेय बढ़ाया जाए। दो शिफ्टो में कार्य लिया जाए। प्रदेश में कार्यरत सभी कर्मचारियों की नियुक्ति तिथि स्पष्ट करते हुए वरिष्ठता सूची बनाई जाए। ओवरटाइम का भुगतान नियमानुसार डबल दर से किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग के 102, 108 एंबुलेंस के जिलाध्यक्ष मधुकर सिंह ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडेय के आह्वान पर हड़ताल की गई। इस दौरान राजबहादुर, अतुल सिंह, शोहराब अली, कपिल वर्मा आदि लोग मौजूद रहे। उधर, 108 एंबुलेंस के प्रोग्राम मैनेजर ने बताया कि लोग हड़ताल पर गए थे। समझाबुझाकर शांत करा दिया गया है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।