धान की फसल के लिए इस वर्ष किसानों को खाद की किल्लत का सामना नहीं करना होगा। खाद की उपलब्धता बनाए रखने के लिए इस वर्ष धान की रोपाई से पहले खाद पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। मुख्यालय स्थित गोदाम में डीएपी और यूरिया डंप किया जा रहा है। किसान खरीफ की फसल का भरपूर फायदा उठा सकें, इसके लिए किसानों ने जहां खेतों की तैयारी का सिलसिला प्रारंभ कर दिया है, सहकारिता विभाग ने खाद को डंप करने की रणनीति बनाई है। खरीफ की फसल के लिए जिले में यूरिया 16,134 मीट्रिकटन और डीएपी 21,055 मीट्रिक टन का लक्ष्य है। लक्ष्य के सापेक्ष साधन सहकारी समितियों पर 4237 मीट्रिकटन यूरिया और 1531 मीट्रिकटन डीएपी उपलब्ध है। इसके साथ ही पीसीएफ के मुख्यालय स्थित गोदाम में 6406 मीट्रिकटन यूरिया और 10,650 मीट्रिकटन डीएपी डंप है। सहायक निबंधक अरविंद प्रकाश ने बताया कि जून के अंत तक यूरिया की एक रैक और आ रही है, जो सीधे साधन सहकारी समितियों पर भेजी जाएगी। जिला प्रशासन खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर अगर इसी प्रकार एलर्ट रहा, तो किसानों को ब्लैक में नहीं खरीदना होगा। बीते वर्ष यूरिया की भारी कमी के चलते किसान ब्लैक में खाद खरीदने को मजबूर हुए थे।