सदर तहसील में 124 गांव शामिल करने के विरोध में शनिवार को चौथे दिन भी अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी रहा। तहसील के गेट पर तालाबंदी करते हुए अधिवक्ताओं ने श्राद्घकर्म भी कराया। वहीं कोतवाली में संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर विरोध जताया। इसके बाद नायब तहसीलदार पवन सिंह तहसील लौट गए।
पट्टी तहसील के 124 गांवों को हटाकर सदर तहसील से जोड़ने को लेकर अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। शनिवार को अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन के बाद मुंडन भी कराया। क्षौरकर्म के साथ लाई वितरित की गई। पट्टी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने मुंडन कराया।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि कार्रवाई पर विराम लगने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष वरुण पांडेय ने कहा, पट्टी तहसील मुख्यालय के नजदीक पड़ने वाले गांव को सदर से जोड़ा जा रहा है जबकि इन गांव के लोगों को पट्टी तहसील आने में सुविधा होती है और नजदीक भी पड़ती है।
पहले भी पट्टी के 300 गांव को काटकर रानीगंज तहसील में मिलाया जा चुका है। यदि अब 124 गांव और कट जाते हैं तो पट्टी तहसील का अस्तित्व ही खतरे में आ जाएगा। बार एसोसिएशन के आह्वान पर कोई भी राजस्वकर्मी थाना दिवस में शामिल होने नहीं पहुंचे।
इस मौके पर राम गुलाब सिंह, दिनेश सिंह, अशोक श्रीवास्तव, चंदन सिंह, रवि सिंह, मानस त्रिपाठी, मनीष तिवारी, आशीष तिवारी, अमित चौरसिया, अभिषेक सहित कई लोग मौजूद रहे।