आक्रोशित अधिवक्ताओं ने एसपी कार्यालय, मेडिकल कॉलेज में छात्रों ने दिया धरना, पीएसी रही तैनात
राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में तनाव की वजह से पीएसी तैनात, हड्डी का इलाज कराने आए मरीज भटके
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। डॉ. सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज के राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में मंगलवार को हुई मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार को भी आक्रोशित अधिवक्ताओं व मेडिकल कॉलेज के छात्रों का आंदोलन जारी रहा। डॉक्टरों व छात्रों ने पूरे केशवराय स्थित मेडिकल कॉलेज में तो अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में धरना देकर कार्रवाई के लिए आवाज बुलंद की।
राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में मंगलवार को हुई मारपीट के मामले में डॉ. सचिन व डॉ. लक्ष्मीकांत समेत 10-12 अज्ञात प्रशिक्षु एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इस प्रकरण की वजह से बुधवार को भी अस्पताल का माहौल गरम रहा। अधिवक्ताओं की ओर से दर्ज मुकदमे के विरोध में डॉक्टर, छात्र व छात्राओं ने मेडिकल कॉलेज परिसर में धरना देकर दर्ज मुकदमे को समाप्त करने की मांग की। चेताया कि यदि मुकदमा समाप्त नहीं होता तो वे कार्य बहिष्कार करेंगे।
वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में जुटे आक्रोशित अधिवक्ताओं ने कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के गेट पर धरना दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी व धारा बढ़ाने की मांग पर अड़े अधिवक्ता पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के पहुंचने पर शांत हुए। एसपी ने सभी को भरोसा दिलाया कि घटना में पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करेगी। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि तीन दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।
राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में बवाल की आशंका को देखते हुए सुबह से पुलिस के साथ पीएसी के जवान मुस्तैद कर दिए गए थे। सुरक्षा के बीच मरीजों को इलाज होता रहा। अस्थि रोग विशेषज्ञ कक्ष बंद मिला। जिससे हड्डी की बीमारी का उपचार कराने पहुंचे मरीजों को लौटना पड़ा।
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बवाल की आशंका में मरीज भी कम पहुंचे
मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को हुए बवाल के दूसरे दिन बुधवार को इलाज कराने के लिए मरीज कम पहुंचे। जहां 12 सौ मरीज ओपीडी में इलाज कराने व जांच कराने आते थे। वहां बुधवार को मरीजों की संख्या 657 के करीब रही। परिसर में पुलिस को देखने के बाद मरीज भी सहमे नजर आए। इलाज कराने आए मरीज एक-दूसरे से घटना के बारे में चर्चा करते रहे।
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तीन दिन पहले समाप्त हो गई थी डॉ. लक्ष्मीकांत की संविदा
मेडिकल कॉलेज में तैनात जेआर डॉ. लक्ष्मीकांत की संविदा तीन दिन पहले समाप्त हो चुकी है। प्रधानाचार्य भी उनके घटना के समय न होने का दावा कर चुके हैं। जबकि अधिवक्ताओं का कहना है कि घटना के समय डॉ. लक्ष्मीकांत मौजूद थे। आरोप है कि मारपीट में उनकी भी भूमिका थी।
आईएमए ने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों की प्रताप बहादुर पार्क में बुधवार को हुई बैठक की अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने की। मेडिकल कॉलेज के राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में हुई घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि डॉक्टरों के खिलाफ दर्ज मारपीट और लूटपाट का मुकदमा समाप्त किया जाए। वक्ताओं ने घटना की निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव पारित किया। इस मौके पर डॉ. आशुतोष पांडेय, डॉ. पीपी पांडेय, डॉ. अतुल शुक्ल, डॉ. एसएम लाल मौर्य, आरपी पांडेय, एसएस गुप्ता, मनीष सिंह, आरपी चौबे आदि लोग मौजूद रहे। संवाद