मेडिकल कॉलेज में मारपीट।
- फोटो : अमर उजाला।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
एसडीएम व नगर कोतवाल ने सभी को समझा-बुझाकर शांत किया। अधिवक्ताओं ने चेताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर उग्र आंदोलन होगा। बुधवार से अस्पताल गेट पर धरना देंगे। अधिवक्ता जेपी मिश्र, अभिषेक तिवारी, विवेक त्रिपाठी, रणविजय सिंह पटेल, पुष्पराज सिंह, अजीत शर्मा, सोनू ओझा, दीपक मिश्र , दीपू, संजय पांडेय, अभिषेक ओझा, रंजीत शर्मा समेत अन्य अधिवक्ता अस्पताल पहुंचे।
पहले भी चर्चा में रह चुके हैं डॉक्टर सचिन
अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. सचिन कुमार पहले भी इसी मेडिकल कॉलेज में तैनात थे। तब उन्होंने अपने सीनियर डॉ. जेपी वर्मा और डॉ. अनुज चौरसिया समेत पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि मुकदमें में दो चिकित्सक समेत तीन लोग दोष मुक्त हो चुके हैं। कुछ दिनों पहले वह लंबे अवकाश पर चले गए थे। चर्चा थी कि शासन ने उन्हें हटा दिया है। एक माह पहले फिर उनका अटैचमेंट हुआ है।
मेडिकल कॉलेज में मारपीट।
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समय से पहले ओपीडी बंद
राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में सुबह साढ़े नौ से पौने दस के करीब चिकित्सक अपने ओपीडी चैंबर में बैठते हैं। 11 बजे के करीब मारपीट और बवाल शुरू हो गया। ऐसे में दूर दराज से इलाज कराने आए मरीजों को लौटना पड़ा। इलाज कराने पहंचे गुड्डू कुमार, कालूराम व राहुल खासे परेशान थे। वे किराया खर्च कर जांच रिपोर्ट दिखाने चिकित्सक के पास आए थे। बवाल के चलते 11 बजे से ही ओपीडी बंद हो गई। डॉक्टर उठकर चले गए।