पंडित सुखराज रघुनाथी इंस्टीट्यूट आफ एजूकेशन एंड टेक्नोलॉजी का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। रंजीतपुर स्थित पंडित सुखराज रघुनाथी इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन एंड टेक्नोलॉजी में पात्र न होने के बावजूद एक छात्रा का बीसीए में दाखिला करा दिया। पास होने के बाद जब वह एमसीए में प्रवेश के लिए दूसरे कॉलेज पहुंची, तब उसे पता चला कि वह बीसीए करने की पात्र ही नहीं थी। छात्रा की शिकायत पर नगर कोतवाली में कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. लालजी त्रिपाठी समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
नगर कोतवाली के गोड़े की रहने वाली अनुष्का सिंह का आरोप है कि इंटर करने के बाद वह वर्ष 2019 में बीए में प्रवेश लेने के लिए पंडित सुखराज रघुनाथी इंस्टीट्यूट गई। वहां एचओडी रमेश गुप्ता व प्रबंधक चंद्रकांत त्रिपाठी व दो शिक्षक मिले। उसने बीए में प्रवेश लेने के लिए फार्म मांगा तो उन लोगों ने उसे बीसीए में दाखिला लेने की सलाह दी। जबकि उसने बताया कि इंटरमीडिएट की पढ़ाई उसने गणित से नहीं की है। इस पर शिक्षक व प्रबंधक ने बताया कि अब नियम बदल गया है कोई दिक्कत नहीं होगी।
छात्रा ने बीसीए में प्रवेश लेकर तीन साल तक पढ़ाई की। वर्ष 2022 में बीसीए पूरा कर लिया लेकिन बीमारी के चलते वह एक साल तक किसी और कोर्स में दाखिला नहीं ले सकी। स्वस्थ होने पर वह एमसीए में प्रवेश लेने के लिए यूनाइटेड कॉलेज नैनी गई। वहां काउंसलिंग के दौरान उसे पता चला कि वह बीसीए में प्रवेश लेने के लिए पात्र ही नहीं थी।
कॉलेज आकर प्राचार्य, प्रबंधक और संरक्षक लालजी त्रिपाठी से शिकायत करने पर उन लोगों ने धमकी देते हुए उसे अपमानित किया। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने काॅलेज के एचओडी रमेश गुप्ता, प्रबंधक चंद्रकांत त्रिपाठी , प्राचार्य शेषमणि मिश्रा, संरक्षक कांग्रेस जिलाध्यक्ष लालजी त्रिपाठी, प्रदीप पांडेय व दो अज्ञात शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी समेत अभद्रता करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नगर कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है
-
गणित विषय से इंटर पास विद्यार्थियों के बीसीए में दाखिले की विश्वविद्यालय की ओर से पहले कोई गाइडलाइन नही थी। छात्रा का चार साल पहले दाखिला हुआ है। गाइडलाइन अब जारी हुई है। मेरे पिता और मुझ पर दर्ज किया मुकदमा पूरी तरह से गलत है।
- चंद्रकांत त्रिपाठी, प्रबंधक